
नईदुनिया प्रतिनिधि, उमरिया। दो साल से जिस मां की तलाश में परिवार की आंखें रास्ता निहार रही थीं, अचानक जब वीडियो कॉल की स्क्रीन पर वही चेहरा सामने आया तो खुशी के आंसुओं ने हर दर्द को बयां कर दिया। मां और परिवार ने जब एक-दूसरे को देखा तो भावनाओं का ऐसा सैलाब उमड़ा कि स्क्रीन के दोनों ओर आंखें नम हो गईं।
दीपक वर्मा से परिवार को अपनी बिछड़ी मां की जानकारी मिल सकी। दरअसल, राजस्थान के भरतपुर स्थित अपना घर आश्रम में रह रही एक महिला ने खुद को उमरिया जिले के ग्राम चंदवार का निवासी बताया था। आश्रम की ओर से चलाए जा रहे “एक प्रयास घर वापसी का अभियान” के तहत संस्थापक रजनीश जैन ने स्थानीय दीपक वर्मा को पूरी जानकारी साझा की,जिसके बाद परिवार से बिछड़ी महिला के परिवार की तलाश शुरू की गई।
लगातार प्रयास के बाद परिवार से संपर्क हुआ तो उन्हें पता चला कि महिला पिछले करीब दो वर्षों से लापता थीं और परिजनों ने उनकी गुमशुदगी भी दर्ज करा रखी थी। वर्षों से बिछड़े रिश्ते को जैसे नया जीवन मिल गया। वीडियो कॉल पर मां को देखते ही परिजन भावुक हो उठे। लंबे इंतजार के बाद मां का चेहरा सामने था और आंखों से खुशी के आंसू लगातार बह रहे थे।
परिजन अब राजस्थान पहुंचकर अपनी मां को वापस घर लाने की तैयारी में हैं। दो साल की दूरी के बाद होने वाला यह मिलन केवल एक परिवार की खुशी नहीं, बल्कि सोशल मीडिया और पत्रकारिता की सकारात्मक भूमिका की भी भावुक मिसाल बन गया।