
नईदुनिया प्रतिनिधि, उमरिया। स्वजनों और गांव के लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए गांव के लोगों के साथ मिलकर एनएच 43 कटनी-चांडिल मार्ग पर नीलेश यादव की लाश रखकर जाम लगा दिया।
स्वजनों ने मांग करते रहे कि नीलेश की हत्या करने वाले लोनी समाज के अपराधियों को पुलिस गिरफ्तार करें तब वे सड़क से हटेंगे। कई घंटे तक एनएच पर लगे जाम के कारण एनएच पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोग परेशान होते रहे।
घटना को लेकर नीलेश यादव पिता रामनाथ यादव की मां और उसके एक भाई ने यह दावा किया है कि उन्होंने नीलेश की हत्या होते हुए अपनी आंखों से देखी है। स्वजनों का कहना है कि उनके बेटे के साथ दुर्घटना नहीं हुई है बल्कि उसे कार से रौंदकर मारा गया है।
घटना स्थल पर पहुंचे एसडीओपी पीएल परस्ते, टीआई मदन सिंह मरावी, एसडीएम सहित कई अधिकारियों ने जाम खुलवाने का काफी प्रयास किया लेकिन वे न तो ग्रामीणों के गुस्से को कम कर सके और न ही जाम खुलवाने में सफल हो पाए।
स्वजनों का कहना है कि नीलेश घर के सामने सड़क से कुछ दूरी पर खड़ा हुआ था। इसी दौरान वह कार आई जिसमें गांव के ही लोनी समाज के पांच लड़के सवार थे। उन्होंने पीछे से नीलेश को कार की टक्कर मारी और उसे कार से ही ढकेलते हुए आगे की तरफ ले गए। पास में ही दो टैंकर खड़े थे जिससे जाकर नीलेश भिड़ गया।
लड़कों ने कार को पीछे किया और फिर आगे बढ़ाकर कार से नीलेश को कुचल दिया। ऐसा तीन से चार बार किया गया और इस दौरान आरोपितों की कार टैंकर से भी टकराई। घटना के दौरान अपने घर के सामने खड़ी नीलेश की मां और उसका भाई उसे बचाने के लिए भागा लेकिन इसी दौरान आरोपित कार लेकर भाग गए।
बताया गया है कि नीलेश के एक भाई की पांच साल पहले भी दुर्घटना में मौत हो चुकी है। अभी स्वजन उस घटना को भुला भी नहीं पाए थे कि नीलेश की मौत भी वाहन की चपेट में आने से हो गई। यही कारण है कि स्वजन इस घटना को लेकर बेहद दु:खी थे और अपनी मांग पर अड़े हुए थे।
स्वजनों ने पुलिस के सामने यह मांग रखी कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। नीलेश को मारने वालों ने गांव में अपना गिरोह बना रखा है। उन्होंने एक-डेढ़ साल पहले चंदिया के नायब तहसीलदार के साथ भी मारपीट कर दी थी। बाद में इसी गिरोह के बदमाशों ने एक रात में कई लोगों को अपना शिकार बनाया था जिसमें एक पुलिसकर्मी भी शामिल था।
नीलेश को जिला अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार कर बिना देर किए कटनी रेफर कर दिया गया था, परन्तु डॉक्टर उसे बचा नहीं सके, अंततः कटनी अस्पताल में नीलेश की मौत हो गई। हादसा कैसे हुआ, इसे पुलिस देर शाम तक भी साफ नहीं कर सकी।