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'7 माह के गर्भ के समापन को HC की मंजूरी': सगे भाई का शिकार हुई 13 वर्षीय किशोरी, विदिशा मेडिकल कॉलेज में होगा गर्भपात

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने करीब सात माह की गर्भवती किशोरी को चिकित्सकीय निगरानी में गर्भसमापन की अनुमति दी। किशोरी की शिकायत के बाद प...और पढ़ें

By Ajay JainEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Wed, 30 Sep 2026 10:00:58 PM (IST)Updated Date: Wed, 30 Sep 2026 10:00:58 PM (IST)
'7 माह के गर्भ के समापन को HC की मंजूरी': सगे भाई का शिकार हुई 13 वर्षीय किशोरी, विदिशा मेडिकल कॉलेज में होगा गर्भपात
प्रतीकात्मक फोटो।

HighLights

  1. 13 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को गर्भसमापन की अनुमति
  2. 23 वर्षीय बड़े भाई पर दुष्कर्म का आरोप, गिरफ्तारी
  3. मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर कोट का फैसला

नईदुनिया प्रतिनिधि, विदिशा। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने अपने सगे भाई के दुराचार के चलते करीब सात माह की गर्भवती हुई एक 13 वर्षीय किशोरी को गर्भपात कराने की अनुमति दे दी है।

न्यायमूर्ति मिलिंद रमेश फड़के की एकलपीठ ने विदिशा के अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में गर्भपात की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

सीडब्ल्यूसी ने की जांच

बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) विदिशा की रिपोर्ट के अनुसार 13 वर्ष 2 माह की किशोरी के साथ वर्ष 2026 की शुरुआत में दुष्कर्म हुआ था। घटना के बाद वह गर्भवती हो गई, लेकिन गर्भ का पता देरी से चलने के कारण गर्भ की अवधि 28 सप्ताह 2 दिन हो गई।

24 सप्ताह की निर्धारित सीमा से अधिक होने के कारण गर्भसमापन की अनुमति के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई। न्यायालय के निर्देश पर 28 सितंबर को मेडिकल बोर्ड गठित कर पीड़िता की जांच कराई गई।

मेडिकल फिट होने पर कोर्ट का आदेश

बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पीड़िता मध्यम स्तर के आयरन-डेफिशिएंसी एनीमिया से पीड़ित है, लेकिन गर्भसमापन की प्रक्रिया के लिए चिकित्सकीय रूप से फिट है। न्यायालय ने मेडिकल बोर्ड की राय और नाबालिग के भविष्य को ध्यान में रखते हुए गर्भसमापन की अनुमति दी।


न्यायालय ने प्रक्रिया के दौरान प्राप्त होने वाले डीएनए सैंपल और अन्य संबंधित सामग्री को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर जांच और ट्रायल में उनका उपयोग किया जा सके।

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एक सप्ताह पहले सामने आया मामला

करीब एक सप्ताह पहले किशोरी पेटदर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची थी। परीक्षण के दौरान उसके गर्भवती होने का पता चला। डाक्टरों ने इसकी सूचना किशोरी के माता - पिता को दी।

पूछताछ में किशोरी ने मां को बताया कि जब घर के सब लोग सो जाते थे, तब उसका 23 वर्षीय बड़ा भाई उसके साथ दुराचार करता था। इस जानकारी के बाद मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत दर्ज होते ही आरोपित को गिरफ्तार कर लिया था। उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।- रोहित काशवानी, एसपी