
नईदुनिया प्रतिनिधि, विदिशा। निजी स्कूलों की तर्ज पर शिक्षा देने और आधुनिक सुविधा के नाम पर लाखों रुपये खर्च करने वाले लटेरी संदीपनि स्कूल में कक्षा 9 वीं की परीक्षा में 328 में से 241 छात्र फेल होने के बाद शिक्षा विभाग ने इसका ठीकरा चार अतिथि शिक्षकों पर फोड़ते हुए उन्हें हटा दिया है और ब्लैकलिस्ट भी कर दिया है। इस स्कूल में 9वीं के डी सेक्शन में 91 में से 90 विद्यार्थी फेल हो गए थे। पिछले माह मार्च के कक्षा 11 वीं और कक्षा 9 वीं का रिजल्ट जारी होने के बाद लटेरी संदीपनी स्कूल की जानकारी सामने आते ही बवाल मच गया था।
इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी एसपीएस जाटव ने प्राचार्य को नोटिस जारी कर और जांच दल बनाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया था। हफ्ते भर तक कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद सिरोंज क्षेत्र के विधायक उमाकांत शर्मा ने शिक्षा विभाग के आयुक्त को पत्र लिखकर प्राचार्य सहित अन्य शिक्षकों को हटाने की मांग की थी। इसी के चलते रविवार को अवकाश के दिन जिला शिक्षा अधिकारी जाटव ने आदेश जारी कर सांदीपनि स्कूल लटेरी में कार्यरत अतिथि शिक्षकों पर गाज गिराई है।
आदेश के तहत महेंद्र शर्मा (विज्ञान, परिणाम 26.18 प्रतिशत), उन्नति (विज्ञान, परिणाम 11.75 प्रतिशत), हिफजान (अंग्रेजी, परिणाम 29.87 प्रतिशत) और कीर्तिश यादव (विज्ञान, परिणाम 20.77 प्रतिशत) को हटा दिया है। इसके साथ ही उन्हें आगामी समय में स्कूल में नियुक्त न करने के लिए ब्लैक लिस्ट भी कर दिया है। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को स्कूल के खराब प्रदर्शन के विरुद्ध प्रारंभिक कदम माना जा रहा है।
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अधिकृत जानकारी के अनुसार, लटेरी के सांदीपनि स्कूल में कक्षा 9वीं में कुल 328 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत थे। इनमें से मात्र 87 विद्यार्थी ही उत्तीर्ण हो सके, जबकि 241 छात्र फेल हो गए हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विद्यालय के सेक्शन डी में दर्ज 91 विद्यार्थियों में से 90 छात्र अनुत्तीर्ण रहे हैं। विषयवार आंकड़ों पर नजर डालें तो विज्ञान में सर्वाधिक 222, गणित में 190, अंग्रेजी में 149, संस्कृत में 78, हिंदी में 65 और सामाजिक विज्ञान में 238 छात्र फेल हुए हैं।