'राजस्थान से भोपाल के रास्ते चल रहा था नशे का खेल'; गंजबासौदा में पकड़ा गया ब्राउन शुगर नेटवर्क, महिला समेत 6 गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार ब्राउन शुगर राजस्थान के झालावाड़ से भोपाल होते हुए विदिशा पहुंचती थी, जहां से पुड़िया बनाकर बिक्री की जाती थी।
By Ajay JainEdited By: bhupendra Singh Rajput Publish Date: Sun, 04 Oct 2026 10:55:11 PM (IST)Updated Date: Sun, 04 Oct 2026 10:55:11 PM (IST)
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। नईदुनिया।HighLights
- गंजबासौदा पुलिस ने ऑपरेशन क्लीन स्वीप के तहत कार्रवाई की
- ब्राउन शुगर नेटवर्क का खुलासा, 6 आरोपी गिरफ्तार
- राजस्थान के झालावाड़ से भोपाल होते हुए विदिशा पहुंचती थी ब्राउन शुगर
नईदुनिया प्रतिनिधि, विदिशा/गंजबासौदा। जिले की गंजबासौदा पुलिस ने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे आपरेशन क्लीन स्वीप के तहत ब्राउन शुगर की आपूर्ति और बिक्री से जुड़े एक नेटवर्क को पकड़ा है। यहां से छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। जिनके पास 38.56 ग्राम ब्राउन शुगर मिली है।
पूछताछ में सामने आया है कि ब्राउन शुगर की आपूर्ति का यह नेटवर्क राजस्थान के झालावाड़ से भोपाल होते हुए विदिशा जिले तक फैला है।
घेराबंदी कर पकड़ा नेटवर्क
शहर थाना प्रभारी संजय वेदिया ने बताया कि एक अक्टूबर को मुखबिर की सूचना पर दमयंती धर्मकांटा, जली मिल रोड के पास ब्राउन शुगर बेचने पहुंचे जमनानगर निवासी अनुज दुबे उर्फ अन्नू महाराज और खरपरी निवासी यशवंत रघुवंशी को पकड़ा गया। अनुज के कब्जे से 10.80 ग्राम ब्राउन शुगर और यशवंत की मोटरसाइकिल जब्त की गई।
जांच में हुआ खुलासा
पूछताछ के आधार पर दो अक्टूबर को त्योंदा रोड पुलिया के पास से धर्मकांटा निवासी राजा रघुवंशी और पूरनपुरा विदिशा निवासी विनीता जाटव को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 20 ग्राम ब्राउन शुगर, ईकोस्पोर्ट कार, चार मोबाइल और इलेक्ट्रानिक कांटा मिला।
विशंभरा कॉलोनी निवासी मोहित उर्फ लड्डू दांगी को शिवनगर रेलवे पुलिया के पास से पकड़ा गया, जबकि धर्मेंद्र दांगी को न्यू बस स्टैंड रामलीला मैदान के पास गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 7.70 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की गई।
राजस्थान से भोपाल और फिर विदिशा तक खेप
पुलिस के अनुसार राजस्थान के झालावाड़ से ब्राउन शुगर भोपाल पहुंचती थी, जहां से ट्रेन, बस व अन्य साधनों के जरिए विदिशा जिले तक लाई जाती थी। इसके बाद गंजबासौदा में पुड़िया बनाकर बिक्री की जाती थी।
पुलिस को थोक आपूर्ति से जुड़े ललित मीना, रामस्वरूप मीना, मोहन मीना और बालचंद तलवार के नाम भी मिले हैं। आरोपित डिजिटल भुगतान के बाद वाट्सएप पर डिलीवरी का वीडियो भेजते थे। पुलिस मोबाइल, डिजिटल लेनदेन और बैंक खातों की जांच कर रही है।