मानवाधिकार आयोग का राज्यों को कड़ा फरमान; नवरात्र, दिवाली और छठ पर फेरीवालों-कुम्हारों को न करें परेशान
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से स्ट्रीट वेंडरों, फेरीवालों, कुम्हारों और छोटे कारोबारियों को अनावश्यक रूप से नहीं हटा...और पढ़ें
By Ajay JainEdited By: bhupendra Singh Rajput Publish Date: Mon, 05 Oct 2026 05:20:20 PM (IST)Updated Date: Mon, 05 Oct 2026 05:20:20 PM (IST)
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सदस्य प्रियंक कानूनगो। नईदुनिया।HighLights
- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश
- स्ट्रीट वेंडरों, फेरीवालों, कुम्हारों और छोटे कारोबारियों को अनावश्यक रूप से न हटाएं
- लंबित मामलों में अतिरिक्त या पूर्ण कार्रवाई रिपोर्ट 18 अक्टूबर तक प्रस्तुत की जाए
नईदुनिया प्रतिनिधि, विदिशा। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने आगामी नवरात्र, दीपावली और छठ पूजा को देखते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से स्थानीय विक्रेताओं, स्ट्रीट वेंडरों, फेरीवालों, कुम्हारों और छोटे कारोबारियों की आजीविका व मानवाधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान विक्रेताओं को अनावश्यक रूप से हटाया न जाए, उनका सामान जब्त न किया जाए और उन पर बेवजह जुर्माना या अन्य कार्रवाई न की जाए।
यदि अग्नि सुरक्षा या सार्वजनिक सुरक्षा के कारण किसी स्थान को खाली कराना जरूरी हो, तो प्रशासन को प्रभावित विक्रेताओं के लिए उपयुक्त वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराना होगा।
पिछले साल भी लिया था संज्ञान
यह निर्देश विभिन्न शहरों से मिली उन शिकायतों के बाद जारी किए गए हैं, जिनमें स्थानीय विक्रेताओं और फेरीवालों को हटाने, सामान जब्त करने, जुर्माना लगाने और परेशान करने के आरोप लगाए गए थे।
पिछले वर्ष भी त्योहारी सीजन में आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले का संज्ञान लिया था। पीठ ने संबंधित राज्यों और स्थानीय प्रशासन को शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
जबरन वसूली पर कार्रवाई हो
आयोग ने कहा है कि इस वर्ष भी त्योहारों के दौरान छोटे कारोबारियों की आजीविका और मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए निगरानी और हस्तक्षेप जरूरी है। आयोग ने उत्पीड़न, जबरन वसूली और अनुचित प्रशासनिक हस्तक्षेप से जुड़ी शिकायतों का कानून के अनुसार निपटारा करने को कहा है।
वोकल फॉर लोकल पर फोकस
आयोग ने स्थानीय प्रशासन से वोकल फॉर लोकल की भावना के अनुरूप पारंपरिक व्यवसायों और स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील भी की है।
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया गया है कि आदेशों की जानकारी जिला कलेक्टरों, नगर निकायों, पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाए। लंबित मामलों में अतिरिक्त या पूर्ण कार्रवाई रिपोर्ट 18 अक्टूबर तक प्रस्तुत करनी होगी।