नवदुनिया प्रतिनिधि, विदिशा। नशे के कारोबार में अब आम लोगों की रोजमर्रा की डिजिटल सुविधा भी अपराधियों के काम आ रही थी। जिले में ब्राउन शुगर की सप्लाई से जुड़े आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए लेन-देन में नकदी के बजाय फोन पे और अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया।
ग्राहक से भुगतान लेने के बाद उसे सीधे माल देने के बजाय वॉट्सएप पर कॉल या मैसेज से लोकेशन भेजी जाती थी। ग्राहक बताए गए स्थान पर पहुंचता और वहां उसे ब्राउन शुगर की पुड़िया उपलब्ध करा दी जाती थी।
पुलिस ने इसे नशे की कॉन्टैक्टलेस डिलीवरी का तरीका माना
पुलिस ने इस तरीके को नशे की कॉन्टैक्टलेस डिलीवरी का तरीका माना है। पुलिस की जांच में सामने आए इस तरीके ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि डिजिटल भुगतान और मैसेजिंग एप की सुविधा का इस्तेमाल अपराधी किस तरह कर रहे हैं।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, वॉट्सएप संपर्क, कॉल डिटेल और डिजिटल लेन-देन की पड़ताल कर रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों तक पहुंचा जा सके। एसपी रोहित काशवानी के मुताबिक पुलिस की टीमें इस ड्रग सप्लाई की चेन को ध्वस्त करने के प्रयास में लगी हुई है।
सूचना हेल्पलाइन 7587637635 या डायल-112 पर दें
उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि मादक पदार्थों की बिक्री, सेवन या सप्लाई से जुड़ी जानकारी पुलिस को दें। सूचना स्थानीय पुलिस, नशा सूचना हेल्पलाइन 7587637635 अथवा डायल-112 पर दी जा सकती है। उन्होंने सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने की बात कही है।
80 ग्राम ब्राउन शुगर, 12 आरोपित गिरफ्तार
पुलिस के ऑपरेशन क्लीन स्वीप के तहत कोतवाली और सिविल लाइन थाना पुलिस ने चार प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए कुल 80 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की है। पुलिस के अनुसार कार्रवाई में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से दो मोटरसाइकिल, एक इलेक्ट्रिक ऑटो, एक मोबाइल फोन और नकदी सहित कुल करीब 12 लाख 81 हजार 640 रुपए का मशरूका जब्त किया गया।
कोतवाली पुलिस ने दो मामलों में 60 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांबर बागरी क्षेत्र में 40 ग्राम और ढोलखेड़ी, बैरसिया रोड क्षेत्र में 20 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की गई। वहीं सिविल लाइन पुलिस ने दो मामलों में 20 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ आठ आरोपियों को पकड़ा। इनके पास से इलेक्ट्रिक ऑटो, अपाचे मोटरसाइकिल और नकदी भी मिली है।
ग्राहक से आमने-सामने संपर्क कम, मोबाइल बना जरिया
पुलिस जांच के अनुसार इस नेटवर्क में ग्राहक से सीधे संपर्क कम रखने की कोशिश की जाती थी। पहले डिजिटल माध्यम से भुगतान लिया जाता था। इसके बाद वॉट्सएप के जरिए स्थान की जानकारी दी जाती थी। इससे डिलीवरी करने वाले और ग्राहक के बीच प्रत्यक्ष संपर्क सीमित रहता था।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि किन मोबाइल नंबरों से बातचीत हुई, कितने डिजिटल भुगतान हुए और इन लेन-देन में किन खातों या मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया। अवैध कारोबार से जुड़ी रकम और आर्थिक नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। पुलिस संबंधित खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया भी कर रही है।
राजस्थान से राजगढ़ होते हुए विदिशा तक पहुंचा नेटवर्क
पुलिस की प्रारंभिक जांच में मादक पदार्थों की सप्लाई राजस्थान के झालावाड़ क्षेत्र से राजगढ़ और फिर विदिशा तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। जांच में राजगढ़ जिले के खिलचीपुर से जुड़े सप्लाई लिंक भी मिले हैं। पुलिस अब सप्लायर, स्थानीय डीलर और वितरण नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में कुछ स्वयं नशा करते थे। नशे की लत के कारण वे मादक पदार्थों की उपलब्धता और बिक्री से जुड़े नेटवर्क में शामिल हुए। कुछ मामलों में पारिवारिक और आपसी परिचितों के जरिए भी आरोपितों के बीच संपर्क होने की बात सामने आई है।