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विदिशा में पुलिस शस्त्रागार में 1944 में बनी 303 ली-एनफील्ड राइफल से लेकर आधुनिक लॉन्चर तक

पुलिस के शस्त्रागार में मौजूद अलग-अलग श्रेणी के हथियारों का पूजन कर शक्ति, साहस और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश दिया जाएगा।

By Rajendra SharmaEdited By: manoj dubey
Publish Date: Mon, 19 Oct 2026 09:02:19 PM (IST)Updated Date: Mon, 19 Oct 2026 09:07:53 PM (IST)
विदिशा में पुलिस शस्त्रागार में 1944 में बनी 303 ली-एनफील्ड राइफल से लेकर आधुनिक लॉन्चर तक

HighLights

  1. 38 एमएम गैस गन से लेकर 5.56 एमएम इंसास राइफल
  2. 7.62 एमएम एसएलआर राइफल और 9 एमएम पिस्टल
  3. शस्त्र पूजन भारतीय संस्कृति में शक्ति और पराक्रम से जुड़ा है

नवदुनिया प्रतिनिधि, विदिशा। बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक विजयादशमी पर्व पर आज पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन होगा। पुलिस के शस्त्रागार में मौजूद अलग-अलग श्रेणी के हथियारों का पूजन कर शक्ति, साहस और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश दिया जाएगा।

इनमें देश को आजादी मिलने से पहले की 1944 में बनी 303 ली-एनफील्ड राइफल के अलावा भीड़ नियंत्रण में उपयोग होने वाली 38 एमएम गैस गन से लेकर 5.56 एमएम इंसास राइफल, 7.62 एमएम एसएलआर राइफल और 9 एमएम पिस्टल जैसे हथियार शामिल हैं।


शस्त्रागार में 38 एमएम गैस गन मौजूद

अधिकारियों के अनुसार पुलिस के शस्त्रागार में मौजूद 38 एमएम गैस गन भीड़ नियंत्रण और दंगा निरोधक कार्रवाई में उपयोगी उपकरण है। इसे मल्टी सेल लांचर भी कहा जाता है। इसके जरिए उपयुक्त गैस कारतूस दागे जा सकते हैं।

कानून-व्यवस्था की चुनौती के दौरान ऐसे उपकरणों का उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और स्थिति को संभालने में पुलिस की मदद करना होता है।

इंसास राइफल, एसएलआर और पिस्टल

वहीं, इंसास राइफल, एसएलआर और पिस्टल की भूमिका अलग-अलग है। इनका उपयोग निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं और परिचालन संबंधी निर्देशों के अनुरूप किया जाता है। परंपरा में शक्ति और कर्तव्य का संदेश एसपी रोहित काशवानी के अनुसार विजयादशमी पर शस्त्र पूजन की परंपरा भारतीय संस्कृति में शक्ति और पराक्रम से जुड़ी रही है।

इस दिन शस्त्रों की पूजा कर उनका सम्मान किया जाता है। पुलिस बल के लिए यह आयोजन अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के संकल्प का प्रतीक भी है। उनके मुताबिक यह आयोजन जिला मुख्यालय के अलावा सभी विधानसभा क्षेत्र स्तर पर भी होता है। शस्त्रों के अलावा इस दिन वाहनों का भी पूजन किया जाता है।

राज्यमंत्री कृष्णा गौर का दौरा हुआ निरस्त

राज्य सरकार द्वारा तय किए गए कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को प्रदेश सरकार की पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर को शस्त्र पूजन के लिए विदिशा आना था, लेकिन सोमवार शाम को पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उनका कार्यक्रम निरस्त हो गया है।

शिवराज सिंह चौहान शामिल हो सकते हैं

सूत्रों का कहना है कि अब इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हो सकते हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सुबह साढ़े आठ बजे पहले शस्त्र पूजन होगा। इसके बाद हवन होगा। जिसमें जनप्रतिनिधि के अलावा कलेक्टर अंशुल गुप्ता और एसपी रोहित काशवानी सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहेंगे।

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