
नईदुनिया प्रतिनिधि, विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा में सड़क पर लगे स्पीड ब्रेकर चोरी हो जाने की घटना सामने आई है। बीते करीब चार महीनों में छह से अधिक स्थानों से एल्यूमिनियम से बने स्पीड ब्रेकर चोर उखाड़ ले गए। नगर पालिका इस पूरे मामले से अनजान बनी रही। नगर पालिका ने करीब एक वर्ष पहले तेज गति पर नियंत्रण और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से शहर के प्रमुख मार्गों- चौराहों पर स्पीड ब्रेकर लगवाए थे। इन पर करीब आठ लाख रुपये खर्च किए गए थे।
कुछ ही महीनों बाद एल्यूमिनियम पट्टी से बने ये स्पीड ब्रेकर गायब हो गए। पिछले दिनों पार्षद आयुषी अग्रवाल ने सर्किट हाउस के सामने, दुर्गा नगर चौराहा, एसएटीआइ कालेज के सामने और जिला न्यायालय भवन के सामने लगे स्पीड ब्रेकर चोरी होने की शिकायत नगर पालिका से की थी। शिकायत के बावजूद नगर पालिका ने कोई कार्रवाई नहीं की। एफआईआर पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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मुख्य नगर पालिका अधिकारी दुर्गेश सिंह ठाकुर का कहना है कि स्पीड ब्रेकरों पर करीब आठ लाख रुपये खर्च हुए थे। चोरी की जानकारी मिलते ही संबंधित थाने में एफआइआर दर्ज करवाई गई है। वहीं, सिविल लाइन थाना प्रभारी आरके मिश्रा और कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज का कहना है कि उनके थानों में स्पीड ब्रेकर चोरी की कोई एफआइआर दर्ज नहीं कराई गई है।