यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ayurveda: अच्छे स्वास्थ्य के लिए गांठ बांध लें आयुर्वेद के ये तीन गोल्डन नियम
इन तीन अमृत बातों को अपनाकर आप अपने जीवन को स्वस्थ, सुखी और समृद्ध बना सकते हैं। आयुर्वेद की यह तीन बातें आपके लिए एक नई शुरुआत का अवसर प्रदान करती है...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 04 Jan 2025 04:25:13 PM (IST)Updated Date: Sat, 04 Jan 2025 10:15:31 PM (IST)
आयुर्वेद में छुपा है सेहत का राज। फोटो सोर्स- मेटा एआईHighLights
- अभ्यंग लगभग हर मौसम में ही किया जाता है।
- हर रोज 30 मिनट का व्यायाम करना चाहिये।
- अधिक मात्रा में भोजन करने से बचना चाहिये।
आयुर्वेद एक जीवित शास्त्र है, जिसमें वर्णित सभी बातें आप्त हैं और जीवन के हर समय में समान ही रहेंगी। आयुर्वेद की यह तीन बातें जिन्हें आप अपने दैनिक जीवन में शामिल कर सकते हैं। आप चाहे रोगी हों या स्वस्थ, आयुर्वेद में वर्णित इन आहार नियमों का पालन कर सकते हैं। डॉ. भावना पालीवाल, BAMS आयुर्वेदाचार्य बता रही हैं कि किस तरह से आयुर्वेद हमें स्वस्थ रख सकता है।
1. नित्य अभ्यंग: शरीर की थकान को दूर करने का राज
- हमने अपनी दादी नानी को अक्सर दिन के समय हाथ पैरों पर तेल की मालिश करते देखा है। यह आयुर्वेद की एक पुरानी पद्धति है जिसे अभ्यंग कहते हैं। अभ्यंग लगभग हर मौसम में किया जाता है।
- प्रतिदिन अभ्यंग करने का विधान आयुर्वेद में वर्णित है। विशेषकर अभ्यंग वात रोग से ग्रस्त लोगों को और वात प्रकृति वालों में यह बेहद कारगर है।
- नियमित अभ्यंग बुढ़ापे को रोकता है, थकावट को कम करता है, और मांसपेशियों को पुष्ट करता है।
- हर रोज कम से कम 10 मिनट तक अभ्यंग करें। मुख्य रूप से आप तिल, जैतून, क्षीर बला, और नारियल के तेल का प्रयोग कर सकते हैं।
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2. व्यायाम: शरीर और मन को स्वस्थ रखने का तरीका
- हर रोज 30 मिनट का व्यायाम आपके न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को संयमित रखता है। नित्य व्यायाम मुख्य रूप से आपकी अग्नि पर कार्य करता है।
- जठर अग्नि को प्रदिप्त करता है और मांसपेशियों का वर्धन करता है। आयुर्वेद में अपने शरीर की क्षमता से अर्ध शक्ति व्यायाम करने का विधान है।
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3. आहार नियम: स्वस्थ आहार के लिए तीन सिद्धांत
- खाना हमेशा गर्म प्रयोग करें, ठंडा या बासी खाना न खाएं। भारी खाने को आधी तृप्ति तक खाएं और हल्के खाने को भूख से ज्यादा न खाएं। शाम को 8 के बाद खाना न खाएं।
- केवल यह तीन नियम भी अगर आप ईमानदारी से रखते हैं तो खाने की वजह से होने वाली बहुत सारी बीमारियां जैसे अपच, एसिडिटी, और भारीपन से आप राहत पा सकते हैं।
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