Cervical cancer treatment in India । सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ भारत के वैज्ञानिकों ने एक बड़ी जीत हासिल कर ली है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और बायोटेक्नोलॉजी विभाग ने पहली बार Cervical cancer के खिलाफ एक स्वदेशी वैक्सीन तैयार कर ली है, जिसकी लॉन्चिंग आज 1 सितंबर को हो रही है। ऐसे में यह जानना भी बेहद जरूरी है कि आखिर Cervical cancer क्या है और यह क्यों बेहद खतरनाक माना जाता है? दरअसल सर्वाइकल कैंसर सर्विक्स की कोशिकाओं में होने वाला एक तरह कैंसर है, जिससे महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित होती है। Cervical cancer गर्भाशय, गर्भाशय ग्रीवा, गर्भाशय के निचले हिस्से में होता है जो योनि से जुड़ता है। सर्वाइकल कैंसर के कारण हर देश में कई महिलाओं की मौत भी हो जाती है।
- सर्वाइकल कैंसर के आमतौर पर कोई लक्षण सीधे तौर पर दिखाई नहीं देते हैं। शुरुआती स्टेज में लक्षण दिखाई नहीं देने के कारण इसे आसानी से डायग्नोज नहीं किया जा सकता है।
- महिलाओं को जब गर्भाशय ग्रीवा असामान्य दर्द, पेशाब के दौरान दर्द आदि हो तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा संभोग के बाद, मासिक धर्म के बीच या रजोनिवृत्ति के बाद योनि से खून बह रहा है या योनी से रक्त स्राव भारी मात्रा हो तो भी Cervical cancer के संकेत हो सकते हैं और तत्काल इसकी जांच करानी चाहिए।
- सर्वाइकल कैंसर 35 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं में सबसे ज्यादा होता है।
गर्भाशय ग्रीवा में कोशिकाएं उच्च जोखिम वाले प्रकार के एचपीवी या मानव पेपिलोमावायरस से संक्रमित होती हैं, तब Cervical cancer कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। Cervical cancer को मुख्य रूप से 4 चरणों में बांटा गया है। यह चरण 0 से शुरू होता है जो संक्रमण के केवल शुरुआती स्तर को दिखाता है, वहीं इसके बाद चरण 1 में गर्भाशय ग्रीवा और गर्भाशय, लिम्फ नोड्स में संक्रमण दिखाई देता है। चरण 2 में योनि के ऊपरी भाग, गर्भाशय ग्रीवा और गर्भाशय के बाहर फैलाव स्पष्ट दिखाई देने लगता है, वहीं स्टेज 3 में योनि और इसके निचले हिस्से में भी संक्रमण दिखाई देता है। अंतिम यानी चौथे चरण में कैंसर शरीर के अन्य भागों के साथ-साथ दूर के लिम्फ नोड्स तक फैल जाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में सर्वाइकल कैंसर के हर साल 1.23 लाख मामले सामने आते हैं, जिसमें से हर साल 67000 महिलाओं की मौत हो जाती है। सर्वाइकल कैंसर के मामलों में भारत का दुनिया में 5वां स्थान है। भारत में कैंसर प्रभावित मरीजों में सर्वाइकल कैंसर दूसरे स्थान पर है, जिससे सबसे ज्यादा महिलाएं प्रभावित होती है।