Cholesterol vs Triglycerides। अनियमित दिनचर्या के कारण अधिकांश लोगों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की समस्या देखने में आती है। जब हम lipid profile test कराते हैं तो इसमें ट्राइग्लिसराइड्स भी बढ़ा हुआ दिखाई देता है और इसका बढ़ना हार्ट के लिए ज्यादा घातक होता है। दरअसल Triglycerides भी एक प्रकार की वसा है, जो हमारे खून में पाई जाती है। शरीर जब ऊर्जा प्राप्त करने से लिए वसा का उपयोग करता है तो कुछ ट्राइग्लिसराइड्स अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं, लेकिन Triglycerides अधिक मात्रा हार्ट के लिए नुकसानदायक हो सकती है।
प्रसंस्कृत मांस उत्पादों जैसे प्रसंस्कृत मांस, सूअर का मांस, हॉट डॉग, सलामी आदि के सेवन से करने से बचना चाहिए। रिफाइंड गेहूं प्रोडक्ट जैसे आटा, मैकरोनी, पास्ता, स्पेगेटी, नूडल्स आदि का सेवन भी कम करना चाहिए। मिठाई और आइसक्रीम का सेवन कम करना चाहिए। इसके अलावा ज्यादा वसायुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कम कर देना चाहिए।
शरीर में Triglycerides का लेवल ज्यादा होने पर कई समस्या हो सकती है। आमतौर पर कई लोगों में आनुवंशिक कारण से भी Triglycerides बढ़ता है। इसके अलावा शरीर में शुगर बढ़ने, ज्यादा शराब पीने या धूम्रपान करने से भी Triglycerides बढ़ता है। बहुत ज्यादा असंतृप्त वसायुक्त भोजन करने से भी Triglycerides में बढ़ोतरी हो जाती है।
शरीर में Triglycerides का सही लेवल 150-199 के बीच माना जाता है। इससे ज्यादा यानी 200-499 के बीच हाई ट्राइग्लिसराइड्स लेवल माना जाता है और बहुत अधिक स्तर होने पर हार्ट अटैक का खतरा रहता है। Triglycerides का लेवल 500 या अधिक होना काफी खतरनाक माना जाता है।
High Triglycerides का स्तर धमनियों के सख्त होने का कारण बन सकता है, जिससे स्ट्रोक, दिल का दौरा और हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। यह मेटाबोलिक सिंड्रोम का हिस्सा हो सकता है, जिसमें कमर के आसपास बहुत अधिक वसा, उच्च रक्तचाप, उच्च रक्त शर्करा और असामान्य कोलेस्ट्रॉल का स्तर शामिल है।
ऐसे कम कर सकते हैं Triglycerides
- हमेशा अपना वजन नियंत्रित रखें
- नियमित शारीरिक गतिविधि करें, कम से कम 40 मिनट कार्डियो एक्सरसाइज करें
- कम वसा युक्त भोजन करें। खाने में प्रोटीन व फाइबर का सेवन ज्यादा करें।
- शराब का सेवन करने से बचें