
World Vitiligo Day 2024 : शरीर में अगर कोई सफेद दाग है, तो इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए। शरीर में सफेद दाग विटिलिगों की शुरुआत हो सकती है। आज 25 जून को वल्र्ड विटिलिगो डे मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों को इस बीमारी के बारे में जागरूक करने के साथ ही इससे जुड़े मिथकों को भी दूर करना है। यह दिन मशहूर पाप स्टार माइकल जैक्सन के जन्म की याद में मनाया जाता है।
एक्सपर्ट का कहना है कि विटिलिगो बीमारी छूने से नहीं फैलती है। लेकिन इसके लिए जागरुकता की जरुरत है। विटिलिगो एक क्रोनिक आटोइम्यून डिसआर्डर है, जिसके कारण त्वचा के कुछ हिस्से रंग या पिगमेंट खो देते हैं। यह तब होता है जब मेलानोसाइट्स, त्वचा की कोशिकाएं जो पिगमेंट बनाती हैं, हमला करती हैं और नष्ट हो जाती हैं, जिससे त्वचा का रंग दूधिया सफेद हो जाता है। अगर शरीर मे ऐसे कोई दाग दिखाई तो तुरंत डाक्टर को दिखाना चाहिए। ताकि जल्द ही उपचार विटिलिगो को खत्म किया जा सके।
त्वचा एवं सौदर्य विशेषज्ञ डा आयुषी स्थापक ने बताया कि जब हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम यानी प्रतिरक्षा प्रणाली हमारे ही शरीर को नुकसाने पहुंचाने लगता है, तब ऐसा होता है। इस रोग में शरीर में मेलेनोसाइटज सेल्स यानी त्वचा में रंग बनाने वाली कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं, या फिर काम करना बंद कर देती हैं।
इस वजह से त्वचा और बालों का रंग हल्का होने लगता है या फिर सफेद हो जाता है। विटिलिगो 30 से 35 प्रतिशत लोगों अनुवांछिक होती है। विटिलिगो दो प्रकार के होते है, एक स्टेबल और दूसरा अनस्टेबल। स्टेबल विटिलिगो का इलाज का संभव है। लेकिन अनस्टेबल का इलाज थोड़ा मुश्किल है। आमजनों में विटिलिगो को लेकर भ्रांतियां हैं कि यह छूने से फैलता है। लेकिन ऐसा नहीं है।
विटिलिगो त्वचा से जुड़ी एक बीमारी है। यह एक तरह का त्वचा विकार है, जिसमें त्वचा के रंग में बदलाव होने लगता है। विटिलिगो के शुरुआती लक्षण आमतौर पर कुछ छोटे सफेद धब्बे या पैच होते हैं, जो बाद में पूरे शरीर में फैल सकते हैं। डिपिगमेंटेशन, जिसे अक्सर प्राकृतिक रंग या रंगद्रव्य के नुकसान के रूप में जाना जाता है।
विटिलिगो का प्राथमिक संकेत है। त्वचा जो धब्बों के रूप में अपना रंग खो चुकी है, और अक्सर हाथ-पैरों पर पीली दिखाई देती है, जिन क्षेत्रों में त्वचा का रंग फीका पड़ रहा है, वहां बाल सफेद हो सकते हैं। अब तो इसकी सर्जरी भी की जा सकती है। विटिलिगो का कोई इलाज नहीं है, लेकिन कई उपचार विकल्प उपलब्ध हैं।
विटिलिगो के लिए उपचार आवश्यक नहीं है, क्योंकि यह स्थिति शरीर के लिए हानिकारक नहीं है और केवल कास्मेटिक है। विटिलिगो के लिए सामान्य रूप से प्रकाश चिकित्सा, डिपिगमेंटेशन थेरेपी, शल्य चिकित्सा, काउंसलिंग आदि की जा सकती है। इस बीमारी के कई लक्षण हैं, जिनसे इसे पहचाना जा सकता है। इसका सबसे पहला और शुरुआती लक्षण है कि व्यक्ति की त्वचा का रंग फीका पड़ने लगता है और उसी जगह पर बाल भी सफेद होने लगते हैं।
अगर शरीर में कोई भाग सफेद हो जाए और इसके बाद आपको चोट लग जाए और वो भाग भी सफेद हो जाए, तो ये लक्षण है जिससे ये समझ सकते हैं कि ये बीमारी आपके शरीर में तेजी से फैल रही है। इसके अलावा सूर्य के प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता, नाभि, कमर, जननांगों और मलाशय क्षेत्र के पास छोटे सफेद धब्बे होना आदि इसके लक्षण हैं।