Health Tips: षट्कर्म क्रिया कर सर्दी व कफ की समस्या से मिलेगा निजात,बच्चे से लेकर बुजुर्ग रहेंग स्वस्थ्य
Health Tips: योग विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्रिया से शरीर के वात, कफ, पित्त संतुलित होता है।
By Manoj Kumar Tiwari
Edited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Sat, 14 Jan 2023 09:15:07 AM (IST)
Updated Date: Sat, 14 Jan 2023 10:27:21 AM (IST)

Health Tips: सर्दी, गर्मी, बरसात सभी मौसम में षट्कर्म यानी शुद्धि क्रिया को करने से सर्दी व कफ से राहत मिलती है। इससे शरीर के भीतर वायरस भी नष्ट होता हैं। यह क्रिया बच्चे से लेकर युवा व बुजुर्ग भी कर सकते हैं। इससे शरीर स्वस्थ्य रहता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
योग विशेषज्ञ ने बताया कि नेति तीन प्रकार होते हैं। सूत्र नेती एक मोटा और कोमल धागा जो नासिका छिद्र में डाला जाता हैै। सबसे पहले इसे पानी में भिगो लें और इसका एक छोर नासिका छिद्र में डाल कर मुंह से बाहर निकालते हैंं। इससे नाक और गले की आंतरिक सफाई होती है। आंख, दांत, कान स्वस्थ्य बनते हैं। इसका अभ्यास विशेषज्ञों के उपस्थिति में ही करना चाहिए। जल नेती दोनों नासिका से पानी पिएं। एक ग्लास पानी भरने के बाद थोड़ा सिर को झुकाकर नाक को पानी में डुबाते हैं।
धीरे- धीरे पानी अंदर जाने के बाद नाक से पानी को खींचना नहीं है। ऐसा करने से कुछ परेशानी का अनुभव होगा पर नाक की पूरी सफाई हो जाती है। यह क्रिया सुबह के दौरान की जाती है। इसे करने के लिए सबसे पहले एक टोंटी वाला यानी केतलीनुमा लोटे में गुनगुना पानी लें। इसके बाद नाक के एक छेद यानी नासारंध्र में लोटे की टोंटी का मुंह लागकर पानी अंदर डालें। इस क्रिया में एक नासारंध्र से पानी अंदर डाला जाता है और दूसरे से उसे बाहर निकाला जाता है।
एक नासारंध्र से ऐसा करने के बाद दूसरे नासारंध्र से भी इसी प्रकार पानी लेकर दूसरी ओर से निकाला जाता है। ऐसा करने से सांस की नली साफ होती है। इस क्रिया से मस्तिष्क से जुड़े सभी विकार दूर हो जाता है। फिर कपाल नेती में मुंह से पानी पी कर नाक से निकाते हैं। एक मोटा और कोमल धागा जो नासिका छिद्र में जा सके लीजिए। इसे पानी में भिगो लें और इसका एक छोर नासिका छिद्र में डाल कर मुंह से बाहर निकालें। इससे नाक और गले की आंतरिक सफाई होती है। आंख, दांत और कान समस्या नहीं आती है।