Hello Doctor: बिलासपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर के वरिष्ठ कार्डियोलाजी विशेषज्ञ डा. अभिषेक कोशले ने नईदुनिया के हेलो डाक्टर कार्यक्रम में कहा कि हार्ट अटैक को नंबर वन किलर कहा जाता है। देश के साथ ही पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा मौत हार्ट अटैक की वजह से होती है। इसलिए यदि किसी को भी दिल का दौरा पड़ता है तो गोल्डन आवर का पालन करना चाहिए।
अटैक पड़ने के बाद का एक घंटा बेहद महत्वपूर्ण रहता है। यदि इस दौरान मरीज अस्पताल पहुंच गया तो उसे सुरक्षित करने की संभावना प्रबल हो जाती है। दवाओं या फिर प्रायमरी एंजियोप्लास्टी कर मरीज की जान ज्यादातर मामलों में बचा ली जाती है। इसलिए हार्ट अटैक के बाद खुद मरीज को साथ ही उसके स्वजन को व्यर्थ में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। डा. अभिषेक कोशले बुधवार की दोपहर 12 से एक बजे तक नईदुनिया कार्यालय में मौजूद रहे। इस दौरान पाठकों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब दिया।
एक घंटे के इस कार्यक्रम में ज्यादातर लोगों ने हृदय रोग के लक्षण, इससे कैसे बचना है, हार्ट बर्न, धड़कनें कम-ज्यादा होना, सांस फूलने जैसी समस्याओं पर परामर्श लिया। डा. अभिषेक ने बताया कि आजकल की भाग-दौड़भरी जिंदगी में समय से पहले ही हार्ट की समस्या का सामना लोगों को करना पड़ रहा है। अब तो युवा पीढ़ी भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में हृदय को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी हो गया है।
इसके लिए बस अपने खानपान पर ध्यान देने, दिनचर्या नियमित करने, रोजाना आधे घंटे कसरत और समय-समय पर हार्ट चेकअप के माध्यम से इस गंभीर रोग से बचा जा सकता है।
हार्ट बर्न को गंभीरता से लें
अक्सर गलत खानपान से पेट संबंधी विकार से लोग ग्रसित हो जाते हैं। इसमें गैस बनने के साथ ही एसिडिटी की समस्या होती है। इससे हार्ट बर्न की समस्या होती है। लेकिन, अक्सर देखा गया है कि लोग सीने में उठने वाले दर्द को एसिडिटी से जोड़कर देखते हैं।
हमेशा यह सही नहीं होता है, क्योंकि हार्ट पेन भी ठीक इसी तरह का होता है। यदि हार्ट पेन आ गया और आप हार्ट बर्न समझते रहे तो इसके गंभीर परिणाम सामने आएंगे। ऐसे में जरूरी है कि जिसे भी हार्ट बर्न की समस्या है, वे एक बार हार्ट चेकअप जरूर कराएं।
ऐसे रखें हृदय को स्वस्थ
लाइफ स्टाइल में सुधार करें - खानपान नियमित करें। हर दिन कम से कम आधे घंटे कसरत करें। साइकिलिंग, वाक, रनिंग, योग, मेडिटेशन करें। वजन को नियंत्रित रखें। शरीर का कोलेस्ट्राल न बढ़ने दें। धूम्रपान के साथ विभिन्न प्रकार के नशे से दूरे रहें।
बीपी की समस्या है तो नमक का सेवन कम करें। जरा भी मानसिक तनाव न लें। हरी पत्तेदार सब्जियों को भोजन में शामिल करें। फलों का सेवन करें। हाई बीपी, शुगर और कोलेस्ट्राल को हमेशा नियंत्रित रखें।
तनाव बिल्कुल भी न लें
डा़ अभिषेक का कहना है कि तनाव बिल्कुल भी नहीं लेना चाहिए। आप जितना तनाव लेंगे, उतना ही आप हार्ट की बीमारी की ओर बढ़ेंगे। इसलिए तनावमुक्त जीवन जीने का प्रयास करें। तनाव कम करने के लिए वाक, योग करना चाहिए। इससे तनाव कम होने लगता है, जो आपके हार्ट के लिए सही होता है।
एक ही तेल में तली हुए खाद्य सामग्री है बेहद खतरनाक
डा. अभिषेक कोशले के मुताबिक हृदय के लिए बाहर का खाना हानिकारक होता है। खासतौर से ऐसी खाद्य सामग्री जो लगातार एक ही तेल में तले जा रहे हों। इसका सेवन बेहद खतरनाक साबित होता है। इसी तरह फास्ट फूड का सेवन मोटापा देता है और इसी से हृदय रोग संबंधी समस्याओं की शुरुआत होती है। इसलिए फास्ट फूड के सेवन से बचना भी बेहद जरूरी रहता है।
हार्ट में है समस्या तो ये जांच कराएं डा. अभिषेक
कोशले का कहना है कि हार्ट की समस्या को पकड़ना है तो हार्ट टेस्ट कराना जरूरी रहता है। कई बार पीड़ित को लगता है कि उसके दिल में समस्या आ रही है, लेकिन वे जांच न कराकर लापरवाही बरतते हैं। यदि ऐसा कुछ आभाष हो रहा है तो एक बार हार्ट टेस्ट जरूर कराना चाहिए। इसमें ईसीजी, टीएमटी और कार्डियोग्राफी जांच से दिल की स्थिति को जाना जा सकता है और इसके बाद उपचार संभव होता है।
पाठकों के प्रश्न और डा. अभिषेक कोशले के उत्तर
प्रश्न: लगातार सीने में दर्द उठ रहा है। सूरज प्रधान, तारबाहर
उत्तर: यदि लगातार सीने में दर्द उठ रहा है तो इसे पूरी गंभीरता से लें और हार्ट की जांच कराएं। उसी के बाद पता चल पाएगा कि दर्द होने की वास्तविक वजह क्या है। उसके हिसाब से इलाज संभव हो सकेगा। कई बार सीने में दर्द गैस की वजह से भी होता है।
प्रश्न: सीने में दर्द होने के साथ पसीना आ रहा है। अशोक जौहरी, गोलबाजार
उत्तर: सीने में दर्द और उस दौरान ही पसीना आना, सीधे तौर पर हार्ट की समस्या की ओर इशारा कर रहा है। यह प्रक्रिया बार-बार हो रही है तो जल्द से जल्द हार्ट की जांच कराएं। ईसीजी, ईको व अन्य जांच के बाद ही इसका इलाज हो सकेगा।
प्रश्न: बार-बार तेज खांसी आती है, क्या ये हार्ट से संबंधित तो नहीं है। योगेश निर्मलकर, जांजगीर-चांपा
उत्तर: जिस तरह का आप लक्षण बता रहे हैं, उसका हार्ट से कोई लेना-देना नहीं है। एक बार किसी मेडिसीन विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लें या फिर एक बार अपने फेफड़े की जांच कराएं। यह समस्या फेफड़े से संबंधित हो सकती है। जांच के बाद इलाज संभव है।
प्रश्न: 19 साल का हूं, सीने में जलन होता है। अभिषेक पांडेय, बिलासपुर
उत्तर: अक्सर इस उम्र में हार्ट की समस्या नहीं होती है। सीने में जलन का कारण गैस और एसिडिटी हो सकता है। एक बार चिकित्सक से सलाह व दवा लें। यदि इसके बाद भी समस्या बनी रहती है तो हार्ट की जांच करनी होगी। छोटी उम्र है, आसानी से इलाज हो जाएगा।
प्रश्न: सीने व पेट में दर्द हो रहा है। हार्ट की सभी जांच सामान्य है। सुनील शर्मा, सरकंडा
उत्तर: यदि आप हार्ट से संबंधित सभी जांच करा चुके हैं और सभी रिपोर्ट नार्मल है तो पेट व सीने में दर्द की समस्या गैस व एसिडिटी की वजह से हो रही है। किसी गेस्ट्रोएंट्रोलाजिस्ट से मिलें। जांच के बाद इस समस्या का इलाज पूरी तरह से हो जाएगा।
प्रश्न: हार्ट का मरीज हूं, दांत निकलवाना है, सलाह दें। पीके सोनी, सरकंडा
उत्तर: हार्ट की दवाएं चल रही हैं तो उन्हें देखना होगा। इसके बाद खून को पतला करने वाली दवाओं का सेवन कुछ दिनों के लिए बंद करना होगा। इसके बाद आप अपने दांत निकलवा सकते हैं। किसी प्रकार की भी समस्या नहीं होगी।
प्रश्न: रात में ही सीने में दर्द उठता है। पुरुषोत्तम जांगड़े, कोरबा
उत्तर: यह धड़कन से संबंधित समस्या हो सकती है। इसके लिए एक बार होल्टर जांच करानी होगी। इसके माध्यम से सीने में उठने वाले दर्द की वजह का पता लग पाएगा। कई बार ऐसा गैस और एसिडिटी की वजह से भी होता है।
प्रश्न: बार-बार चक्कर आता है। भूपेंद्र सोनी, बिलासपुर
उत्तर: यह हार्ट की धड़कन से संबंधित बीमारी है। धड़कन कम होने पर चक्कर आने और बेहोश हो जाने जैसे मामले होते हैं। यह हार्ट के ब्लाकेज के भी लक्षण हैं। एक बार हार्ट टेस्ट कराएं। इससे चक्कर आने की वजह का पता चलने के बाद उपचार हो जाएगा।
प्रश्न: शुगर व बीपी है, घबराहट और बैचेनी भी होती है। रंजीत सिंह, कोरबा
उत्तर: शुगर व बीपी अनियंत्रित होने से ऐसा होता है। खासकर शुगर लेवल कम होने से घबराहट और बैचेनी होती है। एक बार जांच कराएं। यदि इसके बाद भी ठीक नहीं हुआ तो एक बार हार्ट टेस्ट जरूर कराएं। कई बार हार्ट की वजह से भी ऐसा होता है।
प्रश्न: दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या करना चाहिए। संजय कुमार रजक, बिलासपुर
उत्तर: खानपान व दिनचर्या नियमित करें। साइकिलिंग करें, वाक, रनिंग का सहारा लें। योग, मेडिटेशन को अपने लाइफ में शामिल करें। इसके अलावा कार्डियेक कसरत व ट्रेड मिल का भी उपयोग करें। इससे दिल स्वस्थ रहेगा।