• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • फीचर
  • सेहत

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Health Tips: पीलिया के उपचार में लापरवाही बन सकती है गंभीर खतरा, रखें ध्यान

Health Tips: सही समय में सही इलाज और बचाव से पीलिया को काबू में किया जा सकता है और इससे बचा जा सकता है।

By Rahul RaikwarEdited By: Rahul Raikwar
Publish Date: Wed, 14 Jun 2023 11:14:27 AM (IST)Updated Date: Wed, 14 Jun 2023 11:14:27 AM (IST)
Health Tips: पीलिया के उपचार में लापरवाही बन सकती है गंभीर खतरा, रखें ध्यान

Health Tips: पीलिया एक ऐसा रोग है जो इंसान को धीरे-धीरे गंभीर खतरे की ओर ले जाता है। इसका समय पर उपचार ही इसका सबसे अच्छा निदान है। जबलपुर के पूर्व बीएमओ डा भरत कुमार ने बताया कि पीलिया के दौरान लापरवाही से इंसान बड़ी बीमारी की चपेट में आ जाता है। इसलिए पीलिया को लेकर लोगों को सतर्क और इसका उचित समय में इलाज जरूरी है।

ये हैं पीलिया के लक्षणः

आंखों के पीलेपन से स्पष्ट हो जाता है कि मरीज पीलिया की चपेट में है। हालांकि त्वचा का पीला पड़ना, पेट दर्द, वजन कम होना, थकान महसूस होना, बुखार, कमजोरी, भूख में कमी, सिर दर्द, शरीर में जलन, कब्ज, पेशाब का रंग गहरा होना आदि भी पीलिया के प्रमुख लक्षण हैं।


पीलिया हो सकती है जानलेवाः

डा भरत कुमार के अनुसार पीलिया के उपचार में लापरवाही नहीं करनी चाहिए। क्याेंकि कई बार यह जानलेवा साबित होती है। शरीर में बिलीरूबिन नामक पदार्थ की मात्रा बढ़ जाने से से पीलिया होता है। इसके बढ़ने के कारण ही आंखों व त्वचा का रंग पीला पड़ जाता है। उपचार में लापरवाही करने पर लिवर फेलियर का भी खतरा रहता है।

इसलिए होता है पीलियाः

अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन, नशे के लिए नसों में इंजेक्शन लगाना, लिवर को नुकसान पहुंचाने वाली दवाओं का सेवन करना, वायरल संक्रमण में पीलिया का खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए शराब के सेवन से बचना चाहिए। खानपान में विशेष सावधानी रखते हुए डिब्बाबंद व ज्यादा तेल मसाले वाले खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। नियमित व्यायाम, पर्याप्त आराम व भरपूर नींद लेनी चाहिए। नवजात शिशुओं में भी पीलिया का खतरा रहता है। परंतु यह कुछ दिनों में ठीक हो जाता है। समय से पूर्व जन्म लेने वाले तमाम बच्चे पीलिया की चपेट में आते हैं।