Signs and Symptoms of Breathlessness । जीवन शैली में परिवर्तन के कारण लोगों में पहले की अपेक्षा कई तरह की शारीरिक समस्याएं होने लगी है। बुजुर्ग हो या वयस्क किसी भी उम्र वर्ग के लोगों में सांस फूलने जैसी समस्याएं आम हो गई है। थोड़ा सा भी काम करने पर सांस फूलना या सीढ़ी चढ़ने पर सांस फूलना यह समस्या अधिकांश लोगों में होने लगी है। सांस फूलना कई अन्य बीमारियों का भी संकेत हो सकता है। इसके पीछे का कारण होता है कि वायु मार्ग में किसी तरह की बाधा उत्पन्न हो रही है, जिसके कारण शरीर कमजोर होने लगता है और इससे सांस फूलने लगती है। आइए जानते हैं ऐसा क्यों होता है -

सांस फूलने की समस्या

यदि थोड़ी सी भी मेहनत करने के बाद सांस लेने में दिक्कत हो या स्वयं को थका हुआ महसूस करते हैं तो यह सांस फूलने की स्थिति कहलाती है। किसी भी तरह के परिश्रम करने पर फेफड़े शरीर में ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीजन पाना चाहते हैं इसलिए सांस फूलने जैसी स्थिति पैदा होती है। कुछ लोगों में सांस फूलने जैसी समस्याएं कुछ ही समय के लिए होती है और उसके बाद अपने आप ठीक हो जाती है। वहीं कुछ लोगों में सांस फूलने की समस्या लंबे समय तक रह सकती है। सांस ठीक से नहीं ले पाने के कारण उनके सीने में जकड़न और सीने में भारीपन महसूस हो सकता है। व्यक्ति को बहुत अधिक थकान और घबराहट हो सकती है, लेकिन इससे फेफड़ों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचता है।

वायु मार्ग में बाधा

- नाक और मुंह के माध्यम से ऑक्सीजन शरीर में पहुंचती है, इसके बाद यह ऑक्सीजन रक्त में मिलकर शरीर को ऊर्जावान बनाए रखती है।

- वायु मार्ग जिसे श्वसन तंत्र भी कहा जाता है, यह कई छोटे-बड़े ट्यूब से मिलकर बना होता है। शरीर में किसी तरह की बीमारी हो जाने के कारण भी श्वसन तंत्र के संपूर्ण प्रक्रिया में समस्या हो सकती है, जिसके कारण मरीज को सांस फूलने जैसी दिक्कत होती है। इसका कारण होता है जैसे- वजन बढ़ना, दिल संबंधित कोई समस्या होना, या कोई ट्यूमर रोग होना आदि।

इस स्थिति में रखें ध्यान

थोड़ी सी भी मेहनत करने के बाद यदि सांस फूलने की समस्या होती है तो यह जीवनशैली में आलस्य के कारण हो सकती है, लेकिन जो लोग बिना कुछ किए ही सांस फूलने की समस्या से जूझ रहे हैं तो यह कोई बड़ी समस्या हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर को तुरंत दिखाना चाहिए क्योंकि यह समस्या आगे चलकर कोई गंभीर रूप ले सकती है।

रोज करें ये कार्डियक एक्सरसाइज, जल्द होगा फायदा

सांस फूलने की समस्या बढ़ने पर कार्डियक एक्सरसाइज करना जरूरी होता है। नियमित 40 मिनट पैदल चलना, साइकिल चलाना या स्विमिंग करना फायदेमंद होता है। साथ ही ऐसे मरीजों को प्राणायाम करना बेहद असरकारक होता है। प्राणायाम का अभ्यास शुरुआत में धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए। दिल के रोगियों को भस्त्रिका प्राणायाम करते समय विशेष सावधानी रखना चाहिए। नियमित कम से कम 15 मिनट के लिए अनुलोम-विलोम प्राणायाम करना सांस लेने की समस्या को दूर करता है और फेफड़ों को काफी मजबूत करता है।

Posted By: Sandeep Chourey

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