
हेल्थ डेस्क, इंदौर। Kids health: खेलकूद अथवा अन्य गतिविधियों में बच्चे इतने व्यस्त हो जाते हैं कि उन्हें पानी पीने का ध्यान ही नहीं रहता। शरीर से पसीना निकलने व आवश्यकता के अनुसार, पानी न पीने की वजह से वे डिहाइड्रेट होने लगते हैं। बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ रवि अंबे के मुताबिक, इस दौरान मुंह सूखना, कमजोरी, गहरे पीले रंग का पेशाब होना, बेहोशी, कब्ज, चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं होने लगती हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें, बिना देर किए चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए, ताकि बच्चे को समय रहते उपचार मिल सके।
गर्मी व उमस से बच्चे तरह-तरह की बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, लू लगना, दस्त आम समस्या है। परंतु समय रहते उपचार न मिलने से ये बीमारियां खतरनाक हो जाती हैं। इसलिए गर्मी के मौसम में बच्चों की सेहत को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए। तेज गर्मी में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण बच्चे जल्दी लू, डिहाइड्रेशन, डायरिया, बुखार, संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं।
बाहर खुले में बेची जाने वाली खाद्य सामग्री के सेवन से डायरिया व टाइफाइड का खतरा बढ़ता है। साथ ही बासा भोजन बच्चों को नहीं देना चाहिए। इस मौसम में जरूरी है कि बच्चों को फल खाने के लिए दें। घर में तैयार पेय पदार्थों का ही सेवन कराएं। क्योंकि बाजार में जो पेय पदार्थ मिल रहे हैं, वह नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। इसलिए बाहर के खान पान से बचें।
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