
हेल्थ डेस्क, इंदौर (Mpox Virus Symptoms)। मंकी पॉक्स को पिछले दिनों विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी (Public Health Emergency) घोषित किया था। भारत सरकार भी इसको लेकर अलर्ट है। देशभर के एयरपोर्ट पर इसको लेकर विशेष निगरानी की जा रही है। वहीं, एक्सपर्ट्स की मानें तो मंकी पॉक्स (MPox) जानवर से फैलने का खतरा रहता है।
इंदौर के सीएमएचओ बीएस सैत्या के अनुसार, मंकीपॉक्स वायरस पशुओं से मनुष्य में और मनुष्य से मनुष्य में भी फैल सकता है। संक्रमित पशु द्वारा काटने, खरोंचने या शरीर के घाव के सीधे संपर्क में आने के कारण हो सकता है।
मंकीपॉक्स वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड सामान्य तौर पर 7 से 14 दिन तक हो सकता है। संक्रमित व्यक्ति के चकत्ते दिखने से एक-दो दिन पहले तक रोग फैल सकता है। सभी चकत्तों से पपड़ी गिर न जाए, रोगी तब तक संक्रामक बना रह सकता है। यह वायरस कटी-फटी त्वचा, नाक और मुंह के जरिए शरीर में प्रवेश करता है।
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गौरतलब है कि एमपॉक्स के पहले मामले अफ्रीका में सामने आए थे। इसके अलावा स्वीडन और पाकिस्तान में भी मंकी पॉक्स के मामले देखे गए थे।

एमपॉक्स वायरस से निपटने के लिए डब्ल्यूएचओ फिलहाल दो प्रकार के टीकों की मदद ले रहा है। डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने एमपॉक्स वैक्सीन बनाने वाली कपंनियों से अधिक उत्पादन करने की अपील की थी, ताकि निम्न आय वाले देशों में भी वैक्सीन पहुंचाई जा सके।
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