मैगजीन डेस्क, इंदौर। बहुत से लोगों के लिए मीठे की क्रेविंग को रोक पाना बहुत मुश्किल काम हो सकता है। वह चॉकलेट हो या मीठे स्नैक्स, इनकी तलब अक्सर हमारे हेल्दी खाने की आदतों को बिगाड़ देती है। शक्कर की क्रेविंग को कई कारणों से हो सकती है। इनमें तनाव, मूड स्विंग्स और मौसम में बदलाव मुख्य हैं।
हालांकि, बार-बार मीठा खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे वजन बढ़ना, ऊर्जा की कमी और पुरानी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसी चीजों बताएंगे, जो हेल्दी होने के साथ-साथ आपकी मीठे की क्रेविंग को कम करने में मदद कर सकती हैं।
मेवे और बीज मीठे की क्रेविंग को कम करने के लिए बेहतरीन ऑप्शन हैं। ये हेल्दी फैट, प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होते हैं, जो आपको लंबे समय तक भूख से दूर रखते हैं। बादाम, काजू, चिया बीज और कद्दू के बीज आपके लिए शानदार हो सकते हैं। इनका सेवन करने से न केवल आपकी मीठे की तलब शांत होगी, बल्कि आपको ऊर्जा भी मिलेगी।
ग्रीक योगर्ट भी शक्कर की क्रेविंग को कम करने में मदद करता है। यह प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है, जिससे आपको लंबे समय तक भूख नहीं लगती है। आप इसमें ताजे फल या मेवे डालकर और भी अधिक नेचुरल मिठास प्राप्त कर सकते हैं, जिससे आपकी मीठे खाने की तलब पूरी हो सकती है।
बेरीज म जैसे ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी और रास्पबेरी, मीठे स्नैक्स का एक बेहतरीन विकल्प हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर से भरपूर होते हैं और स्वाभाविक मिठास भी प्रदान करते हैं। इनका सेवन करने से शक्कर की क्रेविंग पूरी होती है, साथ ही ये कम कैलोरी वाले होते हैं।
शकरकंद में जटिल कार्बोहाइड्रेट्स, फाइबर और आवश्यक विटामिन्स होते हैं, जो शरीर को स्थिर ऊर्जा प्रदान करते हैं। शकरकंद की प्राकृतिक मिठास भी शक्कर की क्रेविंग को शांत करती है, जिससे यह एक स्वस्थ और संतोषजनक विकल्प बनता है।
जो लोग चॉकलेट छोड़ने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए डार्क चॉकलेट एक बेहतर विकल्प हो सकता है। इसमें कम शक्कर होती है और यह एंटीऑक्सीडेंट्स और फ्लावोनॉयड्स से भरपूर होती है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होती है। कम से कम 70% कोको वाले डार्क चॉकलेट का सेवन शक्कर की क्रेविंग को शांत करने में मदद कर सकता है।