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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यह है लो कैलोरी सब्जी, जिसे खाने से वजन तेजी से कम होता है

मध्‍यप्रदेश में छिंदवाड़ा के तामिया में ककोड़ा की सब्‍जी का खूब चलन है। यहां इस सब्‍जी को कई तरह से बनाकर खाते हैं। ककोड़ा को करेला का छोटा भाई कहना शाय...और पढ़ें

By Dheeraj kumar BajpaiEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Mon, 29 Jul 2024 07:45:44 AM (IST)Updated Date: Mon, 29 Jul 2024 09:25:02 AM (IST)
यह है लो कैलोरी सब्जी, जिसे खाने से वजन तेजी से कम होता है
साप्ताहिक हाट बाजार में ककोड़ा नजर आते ही लोग ऊंचे भाव में भी खरीद लेते हैं।

HighLights

  1. दवा नहीं इस ककोडे़ की सब्जी से मिलेंगे शरीर को मल्टी विटामिन।
  2. एक दर्जन से अधिक बीमारियों करने की क्षमता है इस ककोड़ा में।
  3. ग्रामीण हाटबाजार में सबसे पहले बिक जाता है सब्जी के लिए ककोड़ा।

नितिन दत्ता, नईदुनिया, तामिया छिंदवाड़ा (Low calorie Vegitables)। एमपी के छिंदवाड़ा के तामिया में ककोड़ा बहुत होने के कारण यह सब्‍जी को कई तरह से बनाकर खाते हैं। ककोड़ा को करेला का छोटा भाई कहते हैं। ये सब्जी शरीर को मजबूत करने के साथ ही मल्टी विटामिन्स भी पहुंचाती है। काकाेरा का लोग सब्जी नहीं औषधि मानते हैं। आम भाषा में इसका नाम वन करेला भी है। इस एक सब्जी में विटामिन बी 12 से लेकर विटामिन डी, कैल्शियम, जिंक, कॉपर और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मिलते हैं।

ग्रामीण हाटबाजार में सबसे पहले बिक जाता है सब्जी के लिए ककोड़ा

तामिया में अस्पताल के सामने साप्ताहिक हाट बाजार में ककोड़ा नजर आया 120 रुपये प्रति किलो के भाव में ये देखते देखते ही बिक गया। इसमें भी प्राकृतिक रूप से ग्रामीण इलाकों में देसी स्वरूप और फार्म मे व्यावसायिक रूप उगाने का बड़ा स्वरूप मिलता है। कई लोगों को ककोड़ा बेहद पसंद है । वैसे ककोड़ा खाने से अनेकों फायदे होते हैं।


इन बीमारियों में फायदेमंद

  • ककोडा सिरदर्द, बालों का झड़ना, कान दर्द, खांसी, पेट का इंफेक्शन में फायदा करता है।
  • ककोड़ा की सब्‍जी को खाने से बवासीर और पीलिया जैसी बीमारियों में राहत मिल सकती है।
  • ककोड़ा डायबिटीज में भी बहुत फायदेमंद है। ब्लड शुगर के लेवल को भी कंट्रोल में रखता है।
  • बारिश के दौरान होने वाले विभिन्‍न प्रकार के त्वचा रोगों को समाप्‍त करने में ये फायदा करती है।
  • ककोड़ा की सब्‍जी लकवा, सूजन, बेहोशी और आंखाें की समस्या होने पर ककोरा फायदा करता है।

लो-कैलोरी सब्जी है, जिसे खाने से वजन तेजी से कम होता है

ककोड़ा एक लो-कैलोरी सब्जी है, जिसे खाने से वजन तेजी से कम होता है। ककोड़ा की सब्जी खाने से कब्ज और अपच जैसी समस्या भी दूर हो सकती है। ककोड़ा का सेवन डायबिटीज में फायदेमंद हो सकता है क्योंकि इसमें एंटीडायबिटिक प्रापर्टीज होते हैं। ककोड़ा खाने से आपको भरपूर एनर्जी मिलती है और आलस व सुस्ती दूर होती है। ककोड़ा पर छोटे-छोटे कांटेदार रेशे होते हैं। इसे मध्यप्रदेश में ककोड़ा तो राजस्थान में इसे किंकोड़ा भी कहते हैं।

ककोड़ा में हर वो तत्व पाया जाता है जो सेहत के लिए जरूरी है

ककोड़ा में हर वो तत्व पाया जाता है जो सेहत के लिए जरूरी है। ककोडा की तासीर गर्म होती है और ये खाने में भी बहुत स्वादिष्ट लगता है। इसे खाने से जबरदस्त ताकत मिलती है। इन दिनों ये बाजार में आसानी से उपलब्ध है।

प्रोफेसर डा. नवीन के वर्मा, बाटनी के असिस्टेंट

अधिकतर पहाड़ी जमीन और मौसम में होने वाला साग है

ककोड़ा के फल ककोड़ा या खेखसा अधिकतर पहाड़ी जमीन में पैदा होता है। यह बरसात के मौसम में होने वाला साग है। ककोड़ा की बेल होती है जो अपने आप जंगलों-झड़ियों में उग आती है और फैल जाती है। इसके ''नर'' और ''मादा'' बेल अलग-अलग होते हैं। इसका साग बहुत ही अच्छा व स्वादिष्ट होता है। नर्म ककोड़ा का साग अधिक स्वादिष्ट होता है जिसे लोग अधिक पसंद करते हैं।

जड़ में आधी फीट लंबी गांठ का उपयोग औषधि के रूप में होता है

गर्म मसालों या लहसुन के साथ ककोड़ा का साग बनाकर खाने से वात पैदा नहीं होता है। जमीन के नीचे ककोड़ा के जड़ में आधी फुट लम्बी गांठ होती है जिसका उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है। ककोड़ा का कन्द चीनी या शहद के साथ 1 से 5 ग्राम की मात्रा में औषधि की तरह प्रयोग किया जाता है। ककोड़ा का कन्द अधिक मात्रा में प्रयोग करने से उल्टी पैदा हो सकती है।

लौकी फैमिली की सब्जी को स्पाइनी गार्ड के नाम से भी बुलाते हैं

कंटोला लौकी फैमिली की एक प्रसिद्ध सब्जी है, जो मानसून सीज़न में आसानी से पाई जाती है। इसे स्पाइनी गार्ड के नाम से भी जाना जाता है।काकाेरा का लोग सब्जी नहीं औषधि मानते हैं। आम भाषा में इसका नाम वन करेला भी है। इस एक सब्जी में विटामिन बी 12 से लेकर विटामिन डी, कैल्शियम, जिंक, कॉपर और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मिलते हैं।