• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • फीचर
  • सेहत

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हेल्दी स्किन के लिए जरूरी है विटामिन ई, लेकिन अधिकता हो सकते हैं बड़े नुकसानदायक

एक्स्ट्रा विटामिन ई शरीर के बॉडी फैट में एकत्रित हो जाता है, जो शरीर में कई प्रकार की समस्याएं शुरू कर सकता है। जब हम बिना किसी निर्देश या गाइडेंस के ...और पढ़ें

By Shashank Shekhar BajpaiEdited By: Shashank Shekhar Bajpai
Publish Date: Thu, 27 Feb 2025 06:00:00 AM (IST)Updated Date: Thu, 27 Feb 2025 12:37:17 PM (IST)
हेल्दी स्किन के लिए जरूरी है विटामिन ई, लेकिन अधिकता हो सकते हैं बड़े नुकसानदायक
विटामिन ई के अपने कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं, जिसे विटामिन ई टॉक्सिसिटी कहा जाता है।

HighLights

  1. विटामिन ई एक फैट सॉल्युबल विटामिन है, जो ढेर सारे एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर है।
  2. ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है और फ्री रेडिकल डैमेज से छुटकारा दिलाता है।
  3. स्किन और बाल दोनों की ही हेल्थ बेहतर बनाने के लिए विटामिन E जरूरी होता है।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए ढेर सारे पोषक तत्वों की जरूरत होती है। इनमें से एक बेहद अहम पोषक तत्व है विटामिन ई। विटामिन ई एक फैट सॉल्युबल विटामिन है, जो ढेर सारे एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर है।

ये स्किन को हेल्दी बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। स्किन के लिए एक बेहतरीन मॉइश्चराइजर का काम करता है। ये ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है और फ्री रेडिकल डैमेज से छुटकारा दिलाता है, जिससे स्किन और बाल दोनों की ही हेल्थ बेहतर होती है।


मगर, क्या आप जानते हैं कि इतने सारे फायदों से भरपूर विटामिन ई के अपने कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं, जिसे विटामिन ई टॉक्सिसिटी कहा जाता है।

naidunia_image

क्या है विटामिन ई टॉक्सिसिटी

जब हम अपनी डाइट या सप्लीमेंट के द्वारा विटामिन ई का जरूरत से ज्यादा सेवन कर लेते हैं, तो इससे विटामिन ई टॉक्सिसिटी होने की आशंका बढ़ जाती है। सोशल मीडिया के इस दौर में जहां इंफॉर्मेशन का ओवरलोड है, वहां विटामिन ई की सही मात्रा का सेवन सभी को नहीं पता होता है।

एक दिन में एक व्यक्ति को 1000mg से अधिक विटामिन ई का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से ओवरडोज का खतरा बढ़ता है और टॉक्सिसिटी होती है।

विटामिन ई टॉक्सिसिटी के लक्षण

ब्लीडिंग का खतरा- विटामिन ई की हाई डोज ब्लड क्लॉटिंग की प्रक्रिया को बाधित कर सकता है। ब्लड क्लॉटिंग खून के थक्के जमने की प्रक्रिया को कहते हैं। जब ये बाधित होती है तो ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है।

थकान- विटामिन ई टॉक्सिसिटी शरीर के लिए एक प्रकार का स्ट्रेस है, जिसके रिस्पॉन्स में शरीर थकान जैसे लक्षण दिखाना शुरू करता है।

सिरदर्द- जब विटामिन ई शरीर के फैट में जमा होने लगते हैं, तो ये नर्वस सिस्टम को डिस्टर्ब करते हैं, जिससे सिरदर्द की समस्या शुरू हो सकती है।

उल्टी और डायरिया- विटामिन ई की अधिकता शरीर के सामान्य पोषक तत्वों की एब्जॉर्पशन और प्रोसेसिंग की प्रक्रिया को बाधित करता है। इससे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं शुरू हो सकती हैं जिसमें उल्टी, मितली और डायरिया शामिल है।

धुंधली नजर- अधिक मात्रा में विटामिन ई आंखों में मौजूद नसों के साथ छेड़छाड़ करता है, जिससे विजुअल डिस्टरबेंस होती है और नजर धुंधली हो सकती है।

मांसपेशियों में दर्द- आमतौर पर विटामिन ई मांसपेशियों में होने वाले क्रैम्प्स को दूर भगाता है। मगर, इसकी अधिकता होने पर ये मसल फंक्शन में मदद करने की जगह इनसे छेड़खानी करता है और क्रैम्प्स का कारण बन जाता है। हालांकि, ऐसा बहुत कम होता है।