World Hemophilia Day 2023: छोटी सी लापरवाही में जा सकती है जान, जानें क्या है हीमोफीलिया के कारण, लक्षण और इलाज
World Hemophilia Day 2023 हीमोफीलिया के इलाज के लिए रक्त में क्लॉटिंग फैक्टर को रिप्लेस करना सबसे बेहतर तरीका माना जाता है।
By Sandeep Chourey
Edited By: Sandeep Chourey
Publish Date: Mon, 17 Apr 2023 08:33:05 AM (IST)
Updated Date: Mon, 17 Apr 2023 08:33:05 AM (IST)

World Hemophilia Day 2023 । हीमोफीलिया एक गंभीर अनुवांशिक बीमारी है, जिसमें मरीज के शरीर में खून के थक्के जमने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। ऐसे परिस्थिति में मामूली सी चोट लगने या कटने पर भी शरीर से बहुत ज्यादा खून बहना शुरू हो जाता है। यह हीमोफीलिया बीमारी का संकेत हो सकता है। दरअसल खून में थ्राम्बोप्लास्टिन (Thromboplastin) नामक पदार्थ की कमी के कारण Hemophilia की बीमारी होती है। Thromboplastin एक ऐसा रसायन होता है, जो खून को थक्के में बदलने में सहायक होता है और इस कारण किसी चोट लगने पर खून का तत्काल बहाव बंद हो जाता है या कम हो जाता है। इस बीमारी के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल 17 अप्रैल को विश्व हीमोफीलिया दिवस मनाया जाता है।
पुरुषों में ज्यादा होती है ये बीमारी
हीमोफीलिया जेनेटिक डिसऑर्डर है, जो बहुत कम लोगों में देखने को मिलती है। आमतौर पर हीमोफीलिया की समस्या पुरुषों में ज्यादा देखने को मिलती है। हीमोफीलिया के कुछ प्रमुख लक्षण होते हैं, जिसके जरिए आप इस बीमारी की पहचान कर सकते हैं। हीमोफीलिया से ग्रसित मरीजों में ये लक्षण दिखाई देते हैं -
- ब्लीडिंग होना
- मसूड़ों से खून आना
- नाक से बार-बार खून आना
- स्किन के नीचे ब्लीडिंग होना
- इंजेक्शन लेने के बाद खून निकलना
- मल, पेशाब या उल्टी में खून दिखना
- बच्चे की डिलीवरी के बाद बच्चे के सिर से खून दिखाई देना
- दिमाग में ब्लीडिंग की वजह से सिरदर्द, उल्टी या दौरे पड़ना
इस कारण से होती है हीमोफीलिया
- आनुवांशिकता
- कैंसर
- मल्टीपल स्क्लेरोसिस
- स्व प्रतिरक्षित रोग
- दवाओं का रिएक्शन
ये है हीमोफीलिया का इलाज
हीमोफीलिया के इलाज के लिए रक्त में क्लॉटिंग फैक्टर को रिप्लेस करना सबसे बेहतर तरीका माना जाता है। ऐसा करने से खून का थक्का बनने की प्रक्रिया को सामान्य करने में मदद मिलती है। इसके लिए मरीज को क्लॉटिंग फैक्टर के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। हीमोफीलिया के मरीजों को कभी भी नॉन-स्टेरॉयडल एंटी इंफ्लेमेटरी दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए। नियमित व्यायाम करना भी बेहद जरूरी होता है। यात्रा के दौरान विशेष सावधानियां बरतें और चोट न लगाए जाएं। खून संबंधी या अन्य किसी संक्रमण से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतें।
डिस्क्लेमर
स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।