डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस ने बुधवार को मध्य प्रदेश में कथित शराब घोटाले को लेकर भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भ्रष्टाचार को नहीं बचा रहे हैं, तो उन्हें इसकी जांच के आदेश देने चाहिए। इस आरोप पर भाजपा या मध्य प्रदेश सरकार की ओर से कोई तुरंत प्रतिक्रिया नहीं आई।
कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की एक ऑनलाइन पोस्ट शेयर की, जिसमें पटवारी ने कथित घोटाले को लेकर प्रधानमंत्री से सात सवाल पूछे हैं।
भाजपा की राज्य सरकारें भी भ्रष्टाचार के नए रिकॉर्ड बना रहीं
हिंदी में एक्स ( X) पोस्ट में जयराम रमेश ने कहा, हम दो, हमारे दो' नारे से प्रेरित होकर भाजपा की राज्य सरकारें भी भ्रष्टाचार के नए रिकॉर्ड बना रही हैं। मध्य प्रदेश में जमीन घोटाले के बाद अब शराब घोटाला सामने आया है।जयराम रमेश ने कहा, मेरे सहयोगी जीतू पटवारी ने इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री से सात सवाल पूछे हैं।
अगर प्रधानमंत्री इस भ्रष्टाचार को नहीं बचा रहे हैं, तो उन्हें निश्चित रूप से जांच के आदेश देने चाहिए। उन्होंने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेंगे।
जीतू पटवारी ने स्क्रीनशॉट शेयर कर किया दावा
जीतू पटवारी ने एक मीडिया रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट शेयर किया था, जिसमें दावा किया गया था कि भोपाल में दो शराब की दुकानों के कॉन्ट्रैक्ट और ट्रांसफर में सात गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं और सबसे बड़ी समस्या 2,75,53,535 रुपये की e-FDR (फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद) से जुड़ी है, जिसे AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ने जारी करने से इनकार कर दिया था।
मध्य प्रदेश में शराब कॉन्ट्रैक्ट घोटाला, 2.75 करोड़ की फर्जी FDR
X पर हिंदी में अपनी पोस्ट में पटवारी ने कहा, माननीय प्रधानमंत्री जी, मध्य प्रदेश में शराब कॉन्ट्रैक्ट घोटाला, 2.75 करोड़ की फर्जी FDR, 1 करोड़ की कथित रिश्वत! किसके संरक्षण में यह पूरा खेल चल रहा था? बहुत ज्यादा नहीं, बस 7 सवाल! लेकिन हमारे मुख्यमंत्री चुप हैं! तो अब @PMOIndia को जवाब देना होगा!
76 लाख रुपये की सिक्योरिटी की मंजूरी किसने दी और क्यों?
सात बड़ी और गंभीर अनियमितताओं का जिक्र करते हुए पटवारी ने कार्रवाई में सरकार की देरी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा, बैंक ने FDR जारी ही नहीं की थी, तो 2.75 करोड़ रुपये की FDR कैसे स्वीकार कर ली गई? नियमों के खिलाफ 22 दिन की देरी से जमा की गई सिक्योरिटी क्यों स्वीकार की गई? उन्होंने आगे कहा, बिना बैंक गारंटी के 76 लाख रुपये की सिक्योरिटी की मंजूरी किसने दी और क्यों?
एक करोड़ रुपये की रिश्वत का खेल किसके इशारे पर चला?
पटवारी ने पूछा, शराब के ठेके हासिल करने के लिए कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की रिश्वत का खेल किसके इशारे पर चला? धोखाधड़ी के बावजूद सिक्योरिटी स्वीकार करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही कब तय की जाएगी? उन्होंने आगे पूछा कि भ्रष्टाचार में शामिल वल्लभ भवन के अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कब कार्रवाई की जाएगी।