Bharat Drone Mahotsav 2022: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोद ने शुक्रवार को दिल्ली के प्रगति मैदान में दो दिवसीय भारत ड्रोन महोत्सव 2022 (Bharat Drone Mahotsav 2022) का उद्घाटन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने किसान ड्रोन आपरेटर्स और फार्मिंग, फर्टिलाइजर स्प्रे, मिलिट्री, सिक्योरिटी, बार्डर, मानिटरिंग समेत विभिन्न कार्यों में प्रयोग में जुटी कंपनियों और स्टार्टअप्स से भी संवाद किया। महोत्सव में सरकारी अधिकारियों, विदेशी राजनयिकों, सशस्त्र बल व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के प्रतिनिधियों, सरकारी व निजी क्षेत्र की कंपनियों समेत 1,600 से ज्यादा लोग उपस्थित रहे। प्रदर्शनी के दौरान 70 से ज्यादा लोग अपनी टेक्नोलाजी का प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान विभिन्न कार्यों में ड्रोन के प्रयोग का प्रदर्शन होगा। महोत्सव के दौरान ड्रोन पायलट सर्टिफिकेट भी दिए जाएंगे।

पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें

ड्रोन टेक्नॉलॉजी को लेकर भारत में जो उत्साह देखने को मिल रहा है, वो अद्भुत है। ये जो ऊर्जा नज़र आ रही है, वो भारत में ड्रोन सर्विस और ड्रोन आधारित इंडस्ट्री की लंबी छलांग का प्रतिबिंब है। ये भारत में Employment Generation के एक उभरते हुए बड़े सेक्टर की संभावनाएं दिखाती है।

8 वर्ष पहले यही वो समय था, जब भारत में हमने सुशासन के नए मंत्रों को लागू करने की शुरुआत की थी।

Minimum government, maximum governance के रास्ते पर चलते हुए, ease of living, ease of doing business को हमने प्राथमिकता बनाया।

पहले की सरकारों के समय टेक्नॉलॉजी को problem का हिस्सा समझा गया, उसको anti-poor साबित करने की कोशिशें हुईं। इस कारण 2014 से पहले गवर्नेंस में टेक्नॉलॉजी के उपयोग को लेकर उदासीनता का वातावरण रहा। इसका सबसे अधिक नुकसान गरीब को हुआ, वंचित को हुआ, मिडिल क्लास को हुआ।

टेक्नोलॉजी ने last mile delivery को सुनिश्चित करने में, saturation के विजन को आगे बढ़ाने में बहुत मदद की है। और मैं जानता हूं कि हम इसी गति से आगे बढ़कर अंत्योदय के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।

सामने आएगा ड्रोन टैक्सी का प्रोटोटाइप

पीएम मोदी ड्रोन टैक्सी का प्रोटोटाइप भी प्रदर्शित करेंगे। यह मेड इन इंडिया ड्रोन टैक्सी प्रोटोटाइप महोत्सव का खास आकर्षण होगा। आईआईटी मद्रास द्वारा शुरू की गई कंपनी ई-प्लेन ने इसे तैयार किया है। 2025 तक इसे सर्टिफिकेट मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इस कड़ी में पहले सेना के साथ इसका ट्रायल किया जाएगा। अनुमान है कि 2028-29 तक ड्रोन टैक्सी भारतीय आकाश में उड़ती नजर आ सकती हैं।

घरेलू उद्योगों की मदद कर रही सरकार

कुछ समय पहले तक ड्रोन के लिए पूरी तरह के आयात पर निर्भर भारत तेजी से इस मामले में आत्मनिर्भरता की तरफ कदम बढ़ा रहा है। घरेलू उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ही फरवरी में ड्रोन के आयात पर प्रतिबंध का भी एलान कर दिया गया। अब केवल आरएंडडी, डिफेंस और सिक्योरिटी के लिए ही ड्रोन आयात की अनुमति है। इनके लिए भी क्लियरेंस जरूरी होगा। आयात पर प्रतिबंध के कदम से घरेलू ड्रोन निर्माताओं को लाभ होगा। ड्रोन के पुर्जों के आयात पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। सरकार ने ड्रोन उद्योग के लिए परचेज लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआइ) योजना भी शुरू की है, जिसे जबर्दस्त प्रतिक्रिया मिली है।

Posted By: Arvind Dubey

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