
डिजिटल डेस्क: भारतीय सेना के द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की ओर से एक और बढ़ा खुलासा किया गया है। BSF के जम्मू फ्रंटियर के महानिरीक्षक (IG) शशांक आनंद ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने सीमा पार पाकिस्तान में भारी तबाही की।
आईजी शशांक आनंद के अनुसार, भारतीय सेना से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जम्मू संभाग में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटी पाकिस्तान की 118 अग्रिम चौकियों को बर्बाद किया। जिसके बाद पाकिस्तान ने 72 से ज्यादा आतंकी लांचपैड सीमा ने दूरी वाले इलाकों में शिफ्ट कर दिए हैं, जो इस बात को दर्शाता है कि पाकिस्तानी आतंकियों में भारतीय सेना की दहशत कितनी है।
आईजी आनंद की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने सियालकोट सेक्टर में तीन आतंकी लांचिंग पैड को नष्ट किया था। हालाकिं अब भी करीब आतंकवादियों के 12 लांचपैड सियालकोट और जफरवाल के डेप्थ एरिया में सक्रिय हैं और लगातार काम कर रहे हैं। इसके साथ ही सीमा से दूर दूसरे डेप्थ परिया में भी आतंकवादियों के 60 लांचपैड सक्रिय हैं। इन सभी की जानकारी सेना और बीएसएफ को भी है।
बीएसएफ आईजी शशांक आनंद शनिवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे, इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जानकारी साझा की। साथ ही उन्होंने बताया कि भारतीय सेना की नजर लगातार पाकिस्तानी आतंकी गतिविधियों पर बनी हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि सेना ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए पूरी से तैयार है।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से हमने पड़ोसी मुल्क को अच्छा सबक सिखाया है। अगर वह भविष्य में कोई दुस्साहस करेगा या आतंकी हमला होगा तो उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा हमने उनके निगरानी तंत्र को भी नष्ट किया। हमारे जवान और अधिकारी किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमा से सटे पाकिस्तान क्षेत्र सभी लांचपैड नष्ट कर दिए है। हालांकि उस इलाके में आंतकी गतिविधियां लगातार जारी है। अभी भी अंदूरूनी इलाकों में लांच पैड हैं और उनमें मौजूद आतंकियों के आंकड़े लगातार बदलते रहते हैं। अधिकारियों ने बताया कि ये लांचपैड आम तौर पर तब सक्रिय होते हैं जब आतंकियों को भेजना होता है। उस दौरान भी उन्हें दो या तीन से ज्यादा समूह में नहीं रखा जाता है।