
डिजिटल डेस्क, नईदिल्ली। पेपर लीक विवाद और छात्रों के जारी आंदोलन के बीच शुक्रवार को केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS), कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) और केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 को और सख्त बनाने वाले संशोधित विधेयक (Paper Leak Amendment) को मंजूरी दे दी गई।
सरकार अगले सप्ताह संसद के मानसून सत्र के दौरान इस संशोधित विधेयक को पेश करने की तैयारी में है। यह फैसला नीट पेपर लीक विवाद और देशभर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच लिया गया है।
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संशोधित विधेयक में पेपर लीक से जुड़े अपराधों पर कड़े प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं। इसके तहत आरोपियों के लिए 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान होगा। साथ ही, मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट को कानूनी आधार देने का प्रस्ताव है। इन अदालतों को तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी कर फैसला देने का लक्ष्य रखा जाएगा।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता और केंद्र सरकार के बीच आज शुक्रवार को एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ सीजेपी के आशुतोष राका व सौरव दास मौजूद थे।
बताया गया कि यह बैठक करीब 45 मिनट तक चली। सीजेपी नेताओं की और से केंद्रीय मंत्रियों को मांग पत्र सौंप दिया गया है। अब बैठक खत्म हो गई है।