
Central Govt Health Schemes: अपने हर नागरिक को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है। केंद्र सरकार ने अपनी इस जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए कई स्वास्थ्य योजनाएं शुरू की हैं। इन स्वास्थ्य योजनाओं (Central Govt Health Schemes) का उद्देश्य हर गरीब और जरूरतमंद तक स्वास्थ्य के अधिकार को पहुंचाना है। मौजूदा समय में आयुष्मान भारत के साथ ही, केन्द्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, मिशन इंद्रधनुष और राष्ट्रीय आयोग्य निधि कुछ योजनाएं हैं, जिनका लाभ देशभर में लोगों को मिल रहा है। कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में मोदी सरकार एक और स्वास्थ्य कार्यक्रम का ऐलान करने जा रही है। यहां जानिए Top Central Govt Health Schemes के बारे में
आयुष्मान भारत योजना: आयुष्मान भारत योजना को यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (यूएचसी) को ध्यान में रखकर बनाया गया है। आयुष्मान भारत से संबंधित दो घटक हैं: स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र (HWC) और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY)। लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए 1,50,000 एचडब्ल्यूसी बनाए गए हैं। PM-JAY गरीबों के लिए एक स्वास्थ्य बीमा योजना है। यह 30 रुपये की प्रीमियम में 5 लाख रुपए प्रति परिवार हेल्थ कवर प्रदान करती है।
केन्द्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना: केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित एक स्वास्थ्य योजना है। यह भारत की केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों को पूर्ण स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करती है। इसके तहत प्रत्येक केंद्रीय कर्मचारी को एक सीजीएचएस कार्ड मिलता है, जिसके माध्यम से उसे सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है और सीजीएचएस में सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में इलाज के लिए उस अस्पताल की फीस में छूट भी मिलती है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) में बाल स्वास्थ्य की परिकल्पना की गई है। इसका उद्देश्य जन्म से अठारह (0 से 18) वर्ष तक के बच्चों में विशिष्ट बीमारी सहित 4डी यानी चार प्रकार की समस्याओं का शीघ्र पता लगाना और शीघ्र इलाज करना है। इन चार समस्याओं में जन्म के समय विकलांगता सहित जन्म दोष, बीमारी, कमी और विकास मंदता की जांच शामिल है।
राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम: राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम 7 जनवरी, 2014 को शुरू किया गया था। यह कार्यक्रम भारत के सभी किशोरों को उनके स्वास्थ्य और सेहत के बारे में सूचित करके और जिम्मेदारी से निर्णय लेने के योग्य बनाकर उनकी क्षमताओं का उपयोग करने के काबिल बनाना है और इसके लिए उनकी जरुरत वाली सेवाओं और सहायता को उन तक पहुंचाना है।
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम: जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम की शुरुआत करने से सभी गर्भवती महिलाओं को सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रजनन कराने में प्रोत्साहन मिलेगा। रूग्ण नवजात शिशुओं का मुफ्त इलाज किये जाने से नवजात शिशुओं की मृत्यु दर घटाने में सहायता मिलेगी। इस कार्यक्रम से माता एवं नवजात शिशुओं की रूग्णता और मृत्यु दर में कमी आएगी।
मिशन इंद्रधनुष: भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी बच्चों को टीकाकरण के अंतर्गत लाने के लिये "मिशन इंद्रधनुष" की शुरुआत 25 दिसंबर 2014 को की थी। इंद्रधनुष के सात रंगों को प्रदर्शित करने वाला मिशन इंद्रधनुष का उद्देश्य उन बच्चों का टीकाकरण करना है जिन्हें टीके नहीं लगे हैं या डिफ्थेरिया, बलगम, टिटनस, पोलियो, तपेदिक, खसरा तथा हेपिटाइटिस-बी रोकने जैसे सात टीके आंशिक रूप से लगे हैं। यह कार्यक्रम हर साल 5 प्रतिशत या उससे अधिक बच्चों के पूर्ण टीकाकरण में तेजी से वृद्धि के लिए विशेष अभियानों के जरिए चलाया जाएगा।
राष्ट्रीय आयोग्य निधि: आरएएन योजना के लिए निधि हेतु बजटीय प्रावधान किया गया है। यह योजना गरीबी रेखा से नीचे के रोगियों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है जो बड़े जीवन को खतरें में डालने वाले रोग से पीड़ित है और किसी सरकारी सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल से चिकित्सकीय उपचार प्राप्त कर रहे है।