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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ISRO: चंद्रयान-3 के लैंडिंग की तारीख और समय की आधिकारिक घोषणा, ऐतिहासिक होगी कामयाबी

तीसरे चंद्र मिशन चंद्रयान-3 का मुख्य उद्देश्य सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग, चंद्रमा की सतह पर रोवर का घूमना और वैज्ञानिक आंकड़े एकत्र करना हैं।

By Shailendra KumarEdited By: Shailendra Kumar
Publish Date: Sun, 20 Aug 2023 04:37:38 PM (IST)Updated Date: Sun, 20 Aug 2023 08:08:14 PM (IST)
ISRO: चंद्रयान-3 के लैंडिंग की तारीख और समय की आधिकारिक घोषणा, ऐतिहासिक होगी कामयाबी
चंद्रयान-3 के लैंडिंग की तिथि और समय की आधिकारिक घोषणा

HighLights

  1. इसरो ने बताया चंद्रयान-3 की लैंडिग का समय
  2. 23 अगस्त को शाम 6:04 बजे होगी लैंडिंग
  3. डीडी न्यूज पर देख सकते हैं लाइव प्रसारण

Chandrayaan 3 Landing: चंद्रयान-3 अब चंद्रमा पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसरो ने रविवार को आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि चंद्रयान-3, बुधवार 23 अगस्त को भारतीय समय के अनुसार लगभग 18:04 बजे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा। इसरो चंद्रमा पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग का प्रयास कर रहा है। इसमें कामयाबी मिलते ही भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और चीन के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। इसके लैंडिग की लाइव तस्वीरें इसरो वेबसाइट, इसके यूट्यूब चैनल, फेसबुक और डीडी नेशनल टीवी पर 23 अगस्त की शाम 17:27 बजे से उपलब्ध होंगी।naidunia_image

बड़ी कामयाबी की ओर

भारत के चंद्रयान-3 मिशन ने चंद्रमा पर उतरने के अभियान में उस वक्त एक बड़ी छलांग लगाई, जब अंतरिक्ष यान का 'विक्रम' लैंडर मॉड्यूल सफलतापूर्वक चंद्रमा से अलग हो गया। प्रणोदन मॉड्यूल गुरुवार 17 अगस्त को, एक महत्वपूर्ण डीबूस्टिंग प्रक्रिया से गुजरा और थोड़ी निचली कक्षा में उतर गया। चंद्रयान-3 मिशन के लैंडर का नाम विक्रम साराभाई (1919-1971) के नाम पर रखा गया है, जिन्हें व्यापक रूप से भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक माना जाता है।


चंद्रयान-3 के बारे में

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा 14 जुलाई को इस अंतरिक्ष यान को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया था। अंतरिक्ष यान के प्रक्षेपण के लिए एक जीएसएलवी मार्क 3 (एलवीएम 3) हेवी-लिफ्ट लॉन्च वाहन का उपयोग किया गया था। चंद्रयान -3 घटकों में विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक और मैकेनिकल उपप्रणालियाँ शामिल हैं जिनका उद्देश्य सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग सुनिश्चित करना शामिल है। भारत के तीसरे चंद्र मिशन चंद्रयान-3 के मुख्य उद्देश्यों में इसकी सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग, चंद्रमा की सतह पर रोवर का घूमना और वहां पर तमाम वैज्ञानिक प्रयोग करना और आंकड़े जुटाना शामिल हैं। चंद्रयान-3 की स्वीकृत लागत 250 करोड़ रुपये (प्रक्षेपण वाहन लागत को छोड़कर) है।