Cyclone Biparjoy News: अरब सागर में बिपारजॉय चक्रवाती तूफान विकसित हुआ है। इसके 13 जून तक बहुत ही गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में विकसित होने की संभावना है। मौसम विभाग ने अभी तक भारत, ओमान, ईरान और पाकिस्तान सहित अरब सागर से सटे देशों पर किसी बड़े प्रभाव की भविष्यवाणी नहीं की है। आईएमडी ने सामान्य समय से 8 दिन देरी से गुरुवार को केरल तट पर मानसून की शुरुआत की घोषणा की। हालांकि मुख्य भूमि के अंदरूनी हिस्सों में इसकी उत्तर की ओर बढ़ने की गति धीमी हो सकती है। मौसम विभाग ने कहा कि मानसून अगले 48 घंटों के दौरान मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है।
चक्रवात बिपारजॉय का नाम किस देश ने रखा है?
बिपारजॉय बांग्लादेश द्वारा सुझाया गया शब्द है। इसका बांग्ला नाम का अर्थ 'आपदा' है।
चक्रवातों का नाम कैसे रखा जाता है?
- 1953 में अटलांटिक क्षेत्र में चक्रवाती तूफानों के नाम रखने की प्रथा शुरू हुई। वहीं, हिंद महासागर क्षेत्र में इसकी शुरुआत 2014 से हुई।
- हिंद महासागर क्षेत्र के देशों में भारत, बांग्लादेश, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका और थाइलैंड शामिल हैं।
- साल 2019 में ईरान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और यमन को शामिल किया गया था।
- जब किसी तूफान के आने की संभावना बनती है, तो यही देश इसका नामकरण करते हैं।
- अप्रैल 2020 में मौसम विभाग ने चक्रवातों के लिए 169 नामों की एक लिस्ट तैयार की है। जिसमें प्रत्येक देश ने 13 नामों का योगदान दिया है।
चक्रवातों का नामकरण करते समय किन नियमों का पालन करना होता है?
- नाम इस तरह से चुना जाना चाहिए कि यह दुनिया भर में आबादी के किसी भी समूह की भावनाओं को ठेस न पहुंचाए।
- तूफान का नाम कठोर और क्रूर नहीं होना चाहिए।
- चक्रवात तूफान का नाम छोटा, उच्चारण करने में आसान और किसी के लिए अपमानजनक नहीं होना चाहिए।
- नाम 8 अक्षरों से ज्यादा का नहीं होना चाहिए।
अगले चक्रवात तूफान का नाम क्या होगा?
बांग्लादेश के बाद भारत के सुझाव के आधार पर अगले चक्रवात का नाम तेज रखा जाएगा।
आने वाले तूफानों का नाम क्या है?
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