
नई दिल्ली (Delhi Ordinance Bill 2023)। केंद्र सरकार ने दिल्ली अध्यादेश बिल को सदन के पटल पर रखने की पूरी तैयारी कर ली है। पहले बिल लोकसभा में आएगा, जहां सरकार पूर्ण बहुमत में है। इसके बाद राज्यसभा में जाएगा, जहां NDA को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यहां समझिए राज्यसभा का पूरा गणित
राज्यसभा में फिलहाल 237 सदस्य हैं। इस तरह बहुमत का आंकड़ा 119 होता है। मौजूदा स्थिति में भाजपा व सहयोगी दलों के पास कुल 109 सदस्यों का साथ है। पिछले दिनों में आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी की पार्टी YSR कांग्रेस ने केंद्र सरकार का समर्थन करने की घोषणा कर राह आसान करती है।
YSR कांग्रेस के पास 9 राज्यसभा सदस्य हैं। इस तरह सरकार बहुमत से सिर्फ एक कम होगी। बीजू जनता दल (BJD) के पास भी 9 सदस्य हैं, जो सरकार को समर्थन कर सकती है।
कुल मिलाकर आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को तगड़ा झटका लगना लगभग तय है, क्योंकि सरकार दोनों सदनों में बिल पास कराने की स्थिति में नजर आ रहा है।
दिल्ली अध्यादेश बिल को विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I.A. की पहली अग्नि परीक्षा माना जा रहा है। विपक्ष के पास चुनौती यह भी है कि उसके सहयोगी सदस्य क्रॉस वोटिंग ना करे। यदि वोटिंग के दौरान विपक्ष के कुछ सदस्य गैरहाजिर भी रहे तो एकता में दरार पड़ेगी। एक सवाल यह भी है कि यदि दिल्ली अध्यादेश बिल पर वोटिंग हो जाती है, तो क्या अविश्वास प्रस्ताव कायम रहेगा?