
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पिछले कई दिनों से देशभर में जारी छात्र विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार (25 जुलाई) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से उनका मन बेहद व्यथित है और वह नहीं चाहते कि मौजूदा हालात का फायदा राष्ट्र विरोधी ताकतें उठाएं या देश के छात्रों का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में उलझे।
3 मई 2026 को देशभर में NEET-UG परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके कुछ दिनों बाद पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोप सामने आए। केंद्र सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपते हुए परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया। साथ ही अगले वर्ष से NEET को कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित करने की घोषणा भी की गई।
21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई और 16 जुलाई को परिणाम घोषित किए गए। हालांकि, इस बीच छात्र संगठनों और विभिन्न समूहों का विरोध लगातार जारी रहा। प्रदर्शन का सबसे बड़ा केंद्र दिल्ली का जंतर-मंतर बना, जहां शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज होती गई।
12 मई को पेपर लीक के आरोपों के बाद विरोध की शुरुआत हुई। 16 मई को अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) की शुरुआत की। 6 जून और 20 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुए। 28 जून को आंदोलन का समर्थन करते हुए एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक अनशन पर बैठे।
20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र से पहले 'चलो संसद' मार्च निकाला गया, जहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। 21 से 23 जुलाई तक संसद के भीतर और बाहर विपक्ष ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। 23 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया, जबकि 24 जुलाई को NTA ने 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की। इसके अगले ही 25 जुलाई, शनिवार के दिन धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि देश का अगला शिक्षा मंत्री कौन होगा। फिलहाल केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से किसी नए नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
राजनीतिक गलियारों और मीडिया रिपोर्ट्स में कुछ नामों को लेकर चर्चाएं जरूर चल रही हैं।
अनुराग ठाकुर: पूर्व केंद्रीय मंत्री होने के कारण उन्हें प्रशासनिक अनुभव हासिल है। यदि केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल होता है तो उनकी वापसी की संभावनाओं को लेकर राजनीतिक चर्चा हो रही है।
राघव चड्ढा: विपक्ष के प्रमुख युवा नेताओं में उनकी पहचान है। सोशल मीडिया पर उनका नाम चर्चा में है, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से ऐसा कोई संकेत या आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
देवेंद्र फडणवीस: वर्तमान में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हैं और राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्हें लेकर भी राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं, हालांकि उनके केंद्र में आने को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
एकनाथ शिंदे: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राज्य सरकार के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। उनका नाम भी चर्चाओं में आया है, लेकिन उन्हें लेकर भी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में नए नेतृत्व का इंतजार है। सरकार की ओर से जल्द नए शिक्षा मंत्री के नाम का ऐलान किए जाने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन आधिकारिक घोषणा होने तक मौजूदा स्थिति को लेकर इंतजार बना हुआ है।
Disclaimer: नए शिक्षा मंत्री को लेकर अनुराग ठाकुर, राघव चड्ढा, देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे जैसे नाम केवल राजनीतिक चर्चाओं और अटकलों में सामने आए हैं। भारत सरकार या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से अभी तक किसी भी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।