पंजाब में ईजी रजिस्ट्री - अब न पटवारी की मिन्नत, न दलाल की जरूरत
किसानों के लिए ईजी जमाबंदी ने जमीन से जुड़े डर और अनिश्चितता को खत्म किया है। पहले पटवारी कार्यालय के चक्कर, अब मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप से फ्री, प्रमा ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 14 Jan 2026 07:12:11 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Jan 2026 07:12:11 PM (IST)
पंजाब में ईजी-रजिस्ट्री का मिल रहा है लाभ।पंजाब में जमीन और संपत्ति से जुड़े काम आम लोगों के लिए हमेशा परेशानी का सबब रहे हैं। लेकिन ईजी रजिस्ट्री और ईजी जमाबंदी ने इस अनुभव को पूरी तरह बदल दिया है।
मोहाली से शुरू हुई ईजी रजिस्ट्री सेवा ने अब पूरे राज्य में लोगों को यह सुविधा दी है कि वे बिना किसी एजेंट के, घर बैठे रजिस्ट्री करवा सकें। लुधियाना के रिटायर्ड कर्मचारी सतनाम सिंह बताते हैं, “पहले हफ्तों लगते थे, अब दो दिन में काम हो गया।”
किसानों के लिए ईजी जमाबंदी ने जमीन से जुड़े डर और अनिश्चितता को खत्म किया है। पहले पटवारी कार्यालय के चक्कर, अब मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप से फ्री, प्रमाणित जमाबंदी उपलब्ध है। QR कोड और डिजिटल हस्ताक्षर ने दस्तावेज़ की विश्वसनीयता भी बढ़ाई है।
सबसे बड़ा बदलाव इंतकाल प्रक्रिया में आया है। जहां पहले महीनों लग जाते थे, अब 30 दिन में जमीन का रिकॉर्ड अपडेट हो रहा है। इससे किसानों को बैंक लोन, बीमा और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिलने लगा है।
राज्य में 99 प्रतिशत गांवों के रिकॉर्ड ऑनलाइन होने से दलालों की भूमिका लगभग खत्म हो गई है। आम नागरिकों का कहना है कि इससे न सिर्फ समय बचा, बल्कि मानसिक तनाव भी कम हुआ है।
ईजी रजिस्ट्री और ईजी जमाबंदी ने यह साबित किया है कि अगर नीयत साफ हो, तो तकनीक आम आदमी के जीवन को सच में आसान बना सकती है।