• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • AI बूटकैंप
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • देश

चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन... 474 दलों का रजिस्ट्रेशन किया खत्म, EC ने इसलिए उठाया ये कदम

भारत निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को और सुदृढ़ करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने लगातार छह सालों तक चुनाव न लड़ने वाले 474 गैर-मान्यता प्...और पढ़ें

By Dheeraj BelwalEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Fri, 19 Sep 2025 07:52:53 PM (IST)Updated Date: Fri, 19 Sep 2025 07:52:53 PM (IST)
चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन... 474 दलों का रजिस्ट्रेशन किया खत्म, EC ने इसलिए उठाया ये कदम
474 दलों का रजिस्ट्रेशन खत्म।

HighLights

  1. बिहार चुनाव से पहले चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन
  2. EC ने 474 राजनीतिक दलों का रजिस्ट्रेशन किया खत्म
  3. 6 साल से चुनाव न लड़ने वाली पार्टियों पर एक्शन

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चुनावी व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के प्रयास में चुनाव आयोग ने शुक्रवार को बड़ा कदम उठाते हुए 474 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (RUPPs) का पंजीकरण समाप्त कर दिया। ये दल पिछले छह सालों से किसी भी चुनाव में हिस्सा नहीं ले रहे थे।

इस कार्रवाई के साथ अगस्त 2025 से अब तक कुल 808 दलों को आयोग की सूची से हटाया जा चुका है। इससे पहले, 9 अगस्त को पहले चरण में 334 पार्टियों को डीलिस्ट किया गया था।

किन राज्यों में सबसे ज्यादा दल हटाए गए?

नवीनतम कार्रवाई में उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक 121 दलों का नाम सूची से हटाया गया। इसके बाद महाराष्ट्र (44), तमिलनाडु (42) और दिल्ली (40) का स्थान रहा। पंजाब (21), मध्य प्रदेश (23), बिहार (15) और आंध्र प्रदेश (17) जैसे राज्यों में भी बड़ी संख्या में पार्टियां प्रभावित हुई हैं।


कानून का प्रावधान

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत दलों को चुनाव चिह्न और कर छूट जैसी सुविधाएं दी जाती हैं। लेकिन नियम यह है कि यदि कोई राजनीतिक दल लगातार छह साल तक कोई चुनाव नहीं लड़ता है, तो उसे रजिस्टर से बाहर कर दिया जाता है।

359 दलों पर नई कार्रवाई

इसके अतिरिक्त, चुनाव आयोग ने 359 अन्य दलों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है, जिन्होंने तीन वित्तीय वर्षों (2021-22 से 2023-24) तक न तो अपने ऑडिटेड खाते प्रस्तुत किए और न ही चुनाव खर्च की अनिवार्य रिपोर्ट दाखिल की। इन दलों में सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश (127), दिल्ली (41) और तमिलनाडु (39) के संगठन शामिल हैं।

यह भी पढ़ें- 'सत्ता पाने के लिए तड़प रहे हैं राहुल गांधी...', कांग्रेस और सपा पर भड़के UP के डिप्टी सीएम

कारण बताओ नोटिस

आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इन दलों को कारण बताओ नोटिस जारी करें। इसके बाद संबंधित सीईओ सुनवाई कर अपनी रिपोर्ट आयोग को सौंपेंगे। अंतिम निर्णय उसी रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा ताकि किसी भी दल को अनुचित रूप से सूची से बाहर न किया जाए।