
डिजिटल डेस्क, राजकोट। गुजरात के राजकोट स्थित नवनिर्मित हीरासर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रनवे के पास भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। पक्षियों को रनवे से दूर रखने के लिए फोड़े गए पटाखों की चिंगारी से पास की सूखी झाड़ियों में आग भड़क उठी, जिसके धुएं ने पूरे रनवे को अपनी चपेट में ले लिया। विजिबिलिटी शून्य के करीब पहुंचने के चलते दिल्ली से आ रही एअर इंडिया की उड़ान को सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग के लिए वडोदरा भेजना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, एयरपोर्ट की सुरक्षा टीम नियमित प्रक्रिया के तहत रनवे क्षेत्र से परिंदों को हटाने के लिए पटाखे जला रही थी। इसी दौरान पटाखों से निकली एक चिंगारी रनवे के किनारे फैली सूखी घास में जा गिरी। तेज हवाओं के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया और पूरे परिसर में काले धुएं का गुबार छा गया। रनवे पर अचानक विजिबिलिटी घटते ही खतरे की घंटी बजी और एयरपोर्ट की फायर ब्रिगेड यूनिट ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया।
दिल्ली से राजकोट के लिए संचालित एअर इंडिया का विमान सुबह 10:25 बजे उतरने वाला था। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) ने रनवे पर फैले घने धुएं और सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए विमान को उतरने की अनुमति नहीं दी। पायलट ने हालात सुधरने के इंतजार में आसमान में चार चक्कर लगाए। विजिबिलिटी में सुधार न होने पर विमान का रुख वडोदरा की ओर कर दिया गया, जहां सभी 100 से अधिक यात्रियों की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
हीरासर एयरपोर्ट पर स्थिति पर काबू पाए जाने के बाद विमान वडोदरा से दोपहर 12:20 बजे वापस राजकोट पहुंचा। इसके बाद, औपचारिकताएं पूरी कर दोपहर 1:11 बजे इस विमान को दिल्ली के लिए रवाना किया जा सका। इस अप्रत्याशित व्यवधान के चलते यात्रियों को लगभग तीन घंटे तक भारी असुविधा और देरी झेलनी पड़ी।
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इस लापरवाही के सामने आने के बाद आधुनिक कहे जाने वाले हीरासर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पक्षियों को नियंत्रित करने की तकनीकों और रनवे के आसपास घास-फूस के रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में एयरपोर्ट प्रबंधन या विमानन नियामक की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं आया है; घटना की तकनीकी जांच की जा रही है।