
डिजिटल डेस्क। देश के अन्नदाता यानी किसानों की मेहनत से ही पूरे भारत का पेट भरता है। ऐसे में किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने, उनकी खेती की लागत को घटाने और उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए केंद्र सरकार कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चला रही है। यदि किसान इन योजनाओं की सही समय पर जानकारी लेकर आवेदन करें, तो वे अपनी खेती-किसानी को अधिक सुरक्षित और मुनाफा देने वाला व्यवसाय बना सकते हैं।
आइए जानते हैं केंद्र सरकार की उन 5 प्रमुख योजनाओं के बारे में, जो किसानों के लिए वरदान साबित हो रही हैं:
खेती-किसानी की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार 'पीएम-किसान सम्मान निधि' के जरिए किसानों को सीधा वित्तीय संबल प्रदान करती है। इस योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि 2,000-2,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों (DBT) में भेजी जाती है।
मौसम की अनिश्चितता, अतिवृष्टि, सूखा या अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए यह योजना एक रक्षा कवच का काम करती है। इसमें किसान नाममात्र का प्रीमियम देकर अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। आपदा की स्थिति में फसल नष्ट होने पर बीमा कंपनी किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा देती है।
किसानों को स्थानीय साहूकारों के भारी-भरकम ब्याज चक्रव्यूह से निकालने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना बेहद कारगर साबित हुई है। इस कार्ड के माध्यम से किसान बेहद रियायती ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक का अल्पकालिक कृषि ऋण प्राप्त कर सकते हैं। समय पर कर्ज का भुगतान करने वाले किसानों को ब्याज में अतिरिक्त छूट का लाभ भी मिलता है।
खेतों की सिंचाई में आने वाले बिजली और डीजल के खर्च को समाप्त करने के लिए सरकार 'पीएम कुसुम योजना' चला रही है। इसके तहत किसानों को अपने खेतों में सोलर पंप (सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप) स्थापित करने पर भारी सब्सिडी दी जाती है। इससे किसान दिन के समय बिना किसी बिजली कटौती के आसानी से सिंचाई कर पाते हैं और लागत में भी बड़ी बचत होती है।
'प्रति बूंद अधिक फसल' (Per Drop More Crop) के मंत्र पर आधारित इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के हर खेत तक सिंचाई की सुविधा पहुंचाना है। इसके अंतर्गत ड्रिप (टपक) और स्प्रिंकलर (फव्वारा) सिंचाई प्रणाली अपनाने वाले किसानों को सरकार द्वारा बड़ी सब्सिडी दी जाती है। इससे न केवल जल संरक्षण होता है, बल्कि कम पानी में भी फसलों का उत्पादन और गुणवत्ता कई गुना बढ़ जाती है।
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ये सभी योजनाएं देश के किसानों को वित्तीय रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जिन किसानों ने अभी तक इन योजनाओं का लाभ नहीं उठाया है, वे अपने निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या संबंधित योजना के आधिकारिक वेब पोर्टल पर जाकर आसानी से आवेदन कर सकते हैं।