नशे से मैदान तक: ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ ने बदली युवाओं की राह
पेरिस ओलंपिक में जब पंजाब के10 हॉकी खिलाड़ी मैदान में उतरे और भारत को कांस्य पदक दिलाया, तो हर पंजाबी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। खिलाड़ियों को1-1 क ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 14 Jan 2026 06:57:14 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Jan 2026 07:00:10 PM (IST)
खेडां वतन पंजाब दियांHighLights
- खेल अब सिर्फ शौक नहीं बल्कि करियर का रास्ता भी हैं।
- खिलाड़ियों की नियुक्ति ने माता-पिता की सोच बदली है।
- स्टेडियमों का निर्माण गांव-गांव में अवसर पैदा कर रहा है।
कभी नशे की चर्चा के लिए बदनाम रहे पंजाब के गांव-कस्बों में आज खेल मैदानों की रौनक लौट आई है।‘खेडां वतन पंजाब दियां’ अभियान ने युवाओं को यह अहसास दिलाया है कि पहचान और सम्मान का रास्ता मैदान से होकर जाता है।
तीन सीजन में हजारों युवाओं ने इसमें भाग लिया और अपनी प्रतिभा दिखाई। सरकार द्वारा खिलाड़ियों को मिले करोड़ों के पुरस्कारों ने यह संदेश दिया कि मेहनत और अनुशासन की कद्र होती है।168 खिलाड़ियों को 33.83 करोड़ रुपये की इनामी राशि मिलना सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि आत्मविश्वास का संचार है।
पेरिस ओलंपिक में जब पंजाब के10 हॉकी खिलाड़ी मैदान में उतरे और भारत को कांस्य पदक दिलाया, तो हर पंजाबी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। खिलाड़ियों को1-1 करोड़ रुपये देकर सरकार ने यह दिखाया कि वह सिर्फ तालियां नहीं, सम्मान भी देती है।
युवाओं के लिए सबसे बड़ा संदेश यह रहा कि खेल अब सिर्फ शौक नहीं,करियर का रास्ता भी है। डीएसपी और पीसीएस जैसे पदों पर खिलाड़ियों की नियुक्ति ने माता-पिता की सोच बदली है। स्टेडियमों का निर्माण गांव-गांव में अवसर पैदा कर रहा है।
आज पंजाब का युवा मोबाइल या नशे की ओर नहीं, बल्कि ट्रैक, मैदान और कोर्ट की ओर देख रहा है।‘खेडां वतन पंजाब दियां’ ने खेल को आदत और जुनून बना दिया है।