#OperationSindoor: ‘पाक सेना ने आतंकवादियों का साथ दिया, इसलिए जो भी नुकसान हुआ, वो खुद जिम्मेदार’... DGMO की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले एयर मार्शल एके भारती
India-Pakistan War Ceasefire: भारत और पाकिस्तान के बीच अचानक हुए युद्ध विराम से कई सवाल उठ रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि पर्दे के पीछे अभी भी बहुत कुछ चल रहा है, जिसके बारे में दोनों देशों की आवाम को पता नहीं है। इसमें अमेरिका की भूमिका पर भी उठ रहे हैं।
Publish Date: Mon, 12 May 2025 09:50:28 AM (IST)
Updated Date: Mon, 12 May 2025 02:47:39 PM (IST)
DGMO meeting: प्रेस कॉन्फ्रेंस में तीनों सेनाओं के डीजीएमओ।एजेंसी, नई दिल्ली (India Pakistan ceasefire)। 'ऑपरेशन सिंदूर' पर तीनों सेनाओं के डीजीएमओ ने सोमवार को मीडिया से बात की। इस दौरान एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि भारत की लड़ाई आतंकवाद से है। यही कारण है कि 7 मई को सेना ने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन पाकिस्तान की सेना ने आतंकियों का साथ देना का फैसला किया। यही कारण है कि उन्होंने इस लड़ाई को अपनी लड़ाई बना लिया। अब भारतीय सेना के एक्शन के बाद उनका जो नुकसान हुआ है, उसके जिम्मेदार वे खुद हैं।
भारत और पाकिस्तान के DGMO के बीच बैठक का समय बदला
भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम के बाद 12 मई, सोमवार का दिन बहुत अहम होने जा रहा है। आज दोनों देशों के बीच डीजीएमओ (DGMO) स्तर की वार्ता शुरू होगी। हालांकि इस बैठक का समय बदला गया है। पहले दोपहर 12 बजे का समय तय था। अब यह वार्ता शाम को होगी।
इससे पहले सोमवार सुबह भारतीय सेना ने बताया कि बीती रात सीमा पर पूरी तरह से शांति (India Pakistan ceasefire) रही। 19 दिन बाद यह पहला मौका था, जब किसी तरफ से गोलीबारी (LoC border tension) नहीं की गई। इस बीच, भारत में उन 32 एयरपोर्ट पर कामकाज फिर बहाल कर दिया गया है, जिन्हें तनाव के बाद बंद कर दिया गया था। इनमें से अधिकांश सीमावर्ता राज्यों के हैं।
DGMO talks: राजीव घई और काशिफ अब्दुल्ला के बीच होगी बैठक
- सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO talks) में भारत की ओर से लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई (Rajiv Ghai) और पाकिस्तान की ओर से मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्लाह (Major General Kashif Abdullah) शामिल होंगे। दोपहर में हॉटलाइन पर दोनों के बीच बात होगी।
वार्ता का उद्देश्य हाल ही में घोषित युद्धविराम का ईमानदारी से पान करना, साथ ही नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थायी शांति के प्रयास तेज करना हैं। भारत ने स्पष्ट किया है कि कश्मीर और सिंधु जल संधि जैसे मुद्दों पर कोई बातचीत नहीं होगी। यहां भी क्लिक करें - ऑपरेशन सिंदूर जारी है..., इंडियन एयरफोर्स ने कहा- 'हमें जो टारगेट दिए गए थे, वो पूरे किए'
- बता दें, भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक सैन्य संघर्ष चला। इस दौरान पाकिस्तान ने ड्रोन, मिसाइलों और लंबी दूरी के हथियारों से भारत के सैन्य प्रतिष्ठानों और नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाने की कोशिश की।
- भारत ने इन हमलों को विफल कर दिया और बाद में सटीक हमलों से पाकिस्तान के हवाई ठिकानों को नुकसान पहुंचाया। शनिवार को भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ ने हवा, जमीन और समुद्र में सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकने पर एक समझौता किया।
- माना जा रहा है कि आज की वार्ता के बाद तीनों भारतीय डीजीएमओ, लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, एयर मार्शल ए.के. भारती और वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद मीडिया को ताजा हालात की जानकारी दे सकते हैं।
भारत सरकार की दो टूक- केवल एक मुद्दा PoK की वापसी
भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच केवल डीजीएमओ स्तर पर ही बातचीत होगी। कोई कूटनीतिक स्तर की वार्ता नहीं होगी। कश्मीर तथा सिंधु जल संधि जैसे विवादास्पद मुद्दे चर्चा के लिए नहीं हैं।
सरकार के अनुसार, कश्मीर पर स्थिति बहुत स्पष्ट है। अब केवल एक ही मामला बचा है - पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) की वापसी। इसके अलावा बात करने के लिए और कुछ नहीं है। अगर वे आतंकवादियों को सौंपने की बात करते हैं, तो हम बात कर सकते हैं। हमारा किसी अन्य विषय पर चर्चा करने का कोई इरादा नहीं है। भारत ने यही बात अमेरिका के सामने भी रख दी है और कहा है कि वह इस मुद्दे पर किसी भी मध्यस्थता के प्रयासों का स्वागत नहीं करता है।