डिजिटल डेस्क: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राजस्थान विधानसभा में पेंशन (Jagdeep Dhankhar Applies For Pension) के लिए आवेदन किया है जिसे विधानसभा सचिवालय ने मंजूरी दे दी है। 21 जुलाई को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद वे अब एक बार फिर सुर्खियों में हैं।
दरअसल, जगदीप धनखड़ 1993 में कांग्रेस के टिकट पर अजमेर जिले की किशनगढ़ सीट से विधायक बने थे। उनका कार्यकाल वर्ष 1998 तक रहा। इसी आधार पर उन्हें पेंशन का अधिकार प्राप्त है।
राजस्थान विधानसभा के नियमों के अनुसार, प्रत्येक पूर्व विधायक को 35,000 रुपये मासिक पेंशन का प्रावधान है। इसके अलावा, आयु के आधार पर इसमें अतिरिक्त बढ़ोतरी होती है। 70 वर्ष से ऊपर की उम्र पार करने वाले पूर्व विधायकों को 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन और 80 वर्ष की उम्र पूरी करने पर 30 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन मिलती है।
जगदीप धनखड़ वर्तमान में 74 वर्ष के हैं। ऐसे में उन्हें 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन मिलेगी। इसका मतलब है कि अब उन्हें 35,000 रुपये की बजाय लगभग 42,000 रुपये मासिक पेंशन प्राप्त होगी।
जगदीप धनखड़ का राजनीतिक करियर लंबा और प्रतिष्ठित रहा है। विधायक के अलावा वे लोकसभा सदस्य भी रहे और केंद्र में मंत्री पद भी संभाला। वर्ष 2022 में उन्हें देश का उपराष्ट्रपति चुना गया, जो उनके राजनीतिक जीवन का शिखर रहा।
अब पेंशन के लिए उनके आवेदन को स्वीकार किए जाने के बाद, वे राजस्थान विधानसभा से पेंशन प्राप्त करने वाले पूर्व विधायकों की सूची में शामिल हो गए हैं।
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