डिजिटल डेस्क: पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर भारत के विनाशकारी हमलों के तीन महीने बाद वायुसेना के उप प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बारे में जानकारी शेयर की है। ऑपरेशन ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद की जवाबी कार्रवाई में किया गया। आपको बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे।
डिफेंस समिट में बोलते हुए एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी (Air Marshal Narmdeshwar Tiwari) ने कहा कि पाकिस्तान को युद्ध विराम के लिए भारतीय वायुसेना की ओर से 50 से भी कम हथियार दागे गए।
नियंत्रण रेखा (LOC) के पार चार दिनों तक सटीक मिसाइल हमलों, ड्रोन घुसपैठ और तोपखाने की लड़ाई के बाद, भारत और पाकिस्तान 10 मई की शाम से जमीन, हवा और समुद्र पर सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकने पर सहमत हुए। इसके कुछ घंटों बाद, श्रीनगर और गुजरात के कुछ हिस्सों सहित जम्मू और कश्मीर के विभिन्न स्थानों पर पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए और उन्हें रोक दिया गया।
भारतीय वायुसेना के विमानों ने 10 मई की सुबह पाकिस्तान वायु सेना (PAF) के प्रमुख ठिकानों पर ब्रह्मोस-A (हवा से प्रक्षेपित) क्रूज़ मिसाइलें दागीं। पहले पुष्ट हमले रावलपिंडी के पास चकलाला और पंजाब प्रांत के सरगोधा में हुए। दोनों ही ठिकानों का पाकिस्तानी सेना के लिए रणनीतिक विमानन और रसद महत्व है। पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के अतिरिक्त ठिकानों- जैकोबाबाद, भोलारी और स्कार्दू पर हमलों की पुष्टि शाम को ही हुई, जब एजेंसियों ने मानव और खुले स्रोत से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर नुकसान का आकलन पूरा कर लिया।
भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। यह कार्रवाई पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब थी, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। भारतीय सेना ने सटीक मिसाइलों और ड्रोन्स का उपयोग कर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों को तबाह किया। ऑपरेशन का नाम पीएम मोदी ने दिया, जो हमले में मारे गए पतिओं की विधवा महिलाओं के प्रति श्रद्धांजलि था। भारत ने इसे आतंकवाद के खिलाफ नपी-तुली कार्रवाई बताया।