
डिजिटल डेस्क: डिजिटल युग में सोशल मीडिया अभिव्यक्ति का सशक्त मंच बनकर उभरा है, लेकिन इसके साथ ही फेक न्यूज की समस्या भी तेजी से बढ़ी है। इसी गंभीर विषय पर दैनिक जागरण की पहल जागरण अभिमत अभियान (Jagran Abhimat Abhiyan) के तहत लखनऊ में युवाओं के साथ एक विशेष चर्चा आयोजित की गई।

जागरण अभिमत दैनिक जागरण की एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य देश के युवाओं को राष्ट्रीय और समसामयिक मुद्दों पर अपनी राय रखने का मंच देना है। इस अभियान के तहत देश के अलग-अलग शहरों में कॉलेज छात्रों को एक साथ लाकर सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विषयों पर संवाद कराया जाता है।

इस मंच का उद्देश्य युवाओं और Gen Z को खुलकर अपनी बात रखने, सवाल उठाने और विभिन्न दृष्टिकोणों को समझने का अवसर देना है। चर्चा के विषय वही चुने जाते हैं, जो उस समय देश में सबसे ज्यादा चर्चा और महत्व के केंद्र में होते हैं।

लखनऊ में आयोजित जागरण अभिमत चर्चा का विषय था- “फ्री वॉयस या फेक न्यूज: क्या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को गलत जानकारी के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए?”

चर्चा में शामिल युवाओं ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली झूठी खबरें जागरूक नागरिक समाज के लिए बड़ा खतरा हैं। फेक न्यूज भ्रम, डर और तनाव फैलाती है, जिससे सामाजिक सौहार्द और एकता प्रभावित होती है।

युवाओं ने स्पष्ट किया कि वे अभिव्यक्ति की आजादी के खिलाफ नहीं हैं। उनकी मांग सेंसरशिप की नहीं, बल्कि एक स्पष्ट, मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था की है, जिससे गलत और भ्रामक जानकारी पर रोक लगाई जा सके।

युवाओं का मानना था कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अधिक जवाबदेह बनाया जाना चाहिए, ताकि डिजिटल आजादी का दुरुपयोग न हो। उन्होंने इसे लोकतंत्र और जिम्मेदार नागरिकता के लिए आवश्यक बताया।

जागरण अभिमत का टैगलाइन है ‘हर मुद्दे पर होगी युवाओं की बात’। यह अभियान युवाओं के विचारों, सवालों और सुझावों को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का कार्य करता है और भविष्य के विचारशील नेतृत्व को तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाता है।
जागरण अभिमत से जुड़ी चर्चाएं और वीडियो YouTube और Instagram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी उपलब्ध हैं, जहां देशभर के युवाओं की राय और सोच देखने को मिलती है।