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एजेंसी, चंडीगढ़ (Haryana Political Crisis)। लोकसभा चुनाव से पहले मंगलवार का दिन हरियाणा में सियासी हलचल का दिन रहा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ ही उनके पूरे मंत्रिमंडल ने इस्तीफा दे दिया। नए मुख्यमंत्री को लेकर संस्पेस बना रहा। आखिरी में विधायक दल की बैठक में मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष और सांसद नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री चुना गया। उन्होंने नए सीएम के तौर पर पद और गोपीनयता की शपथ ली। सैनी पूर्व में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं।
जय प्रकाश दलाल ने मंत्री पद की शपथ ली। दलाल लोहारू सीट से विधायक हैं। वह सरकार में कृषि और किसान कल्याण, पशुपालन और डेयरी मत्स्य पालन, कानून और विधायी कैबिनेट मंत्री रहे हैं।
विधायक कंवरपाल सिंह ने मंत्रिपद की शपथ ली। कंवरपाल यमुनानगर जिले के रहने वाले हैं। इससे पहले शिक्षा मंत्री और वन मंत्री रह चुके हैं। वहीं, विधानसभा के स्पीकर रह चुके हैं।
इस पूरी उठापठक के पीछे हरियाणा की गठबंधन सरकार में शामिल दुष्यंत चौटाला की पार्टी जेजेपी जिम्मेदार रही। भाजपा के साथ लोकसभा चुनावों में सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बनी, तो जेजेपी ने खट्टर सरकार से समर्थन वापस ले लिया। यही कारण रहा कि मनोहर लाल खट्टर को अपने मंत्रिमंडल समेत इस्तीफा देना पड़ा और अब दोबारा सरकार का गठन होगा।
विधायक दल की बैठक के बाद करनाल सांसद संजय भाटिया ने बताया का शाम पांच बजे शपथ ग्रहण होगा।
कुल मिलाकर भाजपा की ही सरकार बनेगी, लेकिन इस बार सरकार में जेजेपी नहीं होगी। निर्दलीय विधायकों का समर्थन होने के कारण सरकार को कोई खतरा नहीं है।
#WATCH | On Haryana BJP president Nayab Singh Saini to be the next CM of Haryana, Karnal BJP MP Sanjay Bhatia says, "...It is the CM's right to choose his cabinet and he will do so in consultation with the party...We will win all 10 Lok Sabha seats of Haryana..." pic.twitter.com/xraUpkvfVT
— ANI (@ANI) March 12, 2024
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इस बीच, जेजेपी में भी फूट की आशंका है। दुष्यंत चौटाला ने विधायकों की बैठक बुलाई थी, लेकिन 10 में से 3 विधायक नहीं पहुंचे। ये विधायक हैं - देवेंद्र बबली, रामनिवास और रामकुमार गौतम।
इससे पहले खबर थी कि लोकसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे पर दुष्यंत चौटाला की पार्टी जेजेपी और भाजपा के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। जेजेपी ने दो सीट मांगी है, उन्हें देने के लिए भाजपा तैयार नहीं है।
इसके बाद से माना जा रहा था कि जेजेपी मनोहर लाल खट्टर सरकार से समर्थन वापस ले सकती है। हालांकि इससे सरकार पर कोई खतरा नहीं है। हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सीट है और बहुमत का आंकड़ा 46 है। अभी भाजपा के पास 41 विधायक हैं और 5 निर्दलीयों को समर्थन हासिल है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बीती रात भी विधायकों की बैठक बुलाई थी। निर्दलीय विधायकों को भी बुलाया गया और उनसे समर्थन की चिट्ठी ली गई थी।