LoC पर नहीं चलेगी गोली, युद्ध विराम समझौते का पालन करने पर राजी हुए India-Pakistan
पिछले साल यानी 2020 में पाकिस्तान की ओर से 5137 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया है। इस गोलीबारी में 24 जवान शहीद हुए हैं, वहीं 31 नागरिकों को भी ...और पढ़ें
By Arvind DubeyEdited By: Arvind Dubey
Publish Date: Thu, 25 Feb 2021 01:16:29 PM (IST)Updated Date: Fri, 26 Feb 2021 09:38:11 AM (IST)

भारत और पाकिस्तान ने सीमा पर शांति का एक बड़ी पहल की है। दोनों देशों के डीजीएमओ यानी डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन के बीच हुई बातचीत में दोनों देश 2003 के युद्ध विराम समझौते का पालन करने पर राजी हुए हैं। यह समझौता भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के बीच हुआ था। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इस समझौते का लगातार उल्लंघन होता आया है। पिछले साल यानी 2020 में पाकिस्तान की ओर से 5137 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया है। इस गोलीबारी में 24 जवान शहीद हुए हैं, वहीं 31 नागरिकों को भी जान गंवाना पड़ी है।
दोनों देशों के DGMO के बीच हॉट लाइन पर 24 और 25 फरवरी की रात को बात हुई। दोनों अधिकारियों के बीच सीमा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ ही तय हुआ कि अब संघर्ष विराम का पालन किया जाएगा। दोनों देशों की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियानों के निदेशक जनरलों ने हॉटलाइन पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने नियंत्रण रेखा के हालात पर बात की और अन्य सभी क्षेत्रों में स्वतंत्र, स्पष्ट और सौहार्दपूर्ण वातावरण की समीक्षा की। सीमाओं पर स्थायी शांति बनाए रखने के दोनों DGsMO एक-दूसरे के प्रमुख मुद्दों और चिंताओं पर सहमत हुए।
बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने नियंत्रण रेखा के साथ सभी समझौतों, और संघर्ष विराम के कड़ाई से पालन के लिए सहमति व्यक्त की है। यह व्यवस्था 24 और 25 फरवरी की आधी रात से लागू हो गई।