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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अखिलेश यादव ने स्पीकर बनते ही ओम बिरला पर की टिप्पणी, ‘सदन आपके इशारों पर चले, न कि…’

18वीं लोकसभा के स्पीकर के लिए ओम बिरला और के. सुरेश के बीच मुकाबला था। संख्या बल देखते हुए ओम बिरला की जीत तय मानी जा रही थी। सत्ता पक्ष और विपक्ष के ...और पढ़ें

By Arvind DubeyEdited By: Arvind Dubey
Publish Date: Wed, 26 Jun 2024 07:50:29 AM (IST)Updated Date: Wed, 26 Jun 2024 02:19:21 PM (IST)
अखिलेश यादव ने स्पीकर बनते ही ओम बिरला पर की टिप्पणी, ‘सदन आपके इशारों पर चले, न कि…’
लोकसभा में अखिलेश यादव। पीछे डिंपल यादव और फैजाबाद (अयोध्या) के सपा सांसद भी नजर आ रहे हैं।

HighLights

  1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखा ओम बिरला के नाम का प्रस्ताव
  2. विपक्ष की ओर से प्रस्तावित किया गया के. सुरेश का नाम
  3. ओम बिरला को स्पीकर की कुर्सी तक छोड़ने गए मोदी-राहुल

एजेंसी, नई दिल्ली (Lok Sabha Speaker Election LIVE Updates)। ओम बिरला को 18वीं लोकसभा का स्पीकर चुन लिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ओम बिरला के नाम का प्रस्ताव रखा। वहीं विपक्ष की ओर से के. सुरेश का नाम प्रस्तावित किया गया। इसके बाद ध्वनिमत से ओम बिरला को लोकसभा अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव पारित हो गया। प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता में यह कार्यवाही पूरी हुई।

बता दें, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आम सहमति नहीं बनने के बाद चुनाव की नौबत आई थी। पांच दशक बाद यह पहला मौका रहा, जब ध्वनिमत या वोटिंग से स्पीकर का चुनाव हुआ। इससे पहले 1952 और 1976 में लोकसभा अध्यक्ष के लिए मतदान हुआ था।


ऐसे चली कार्यवाही और ओम बिरला चुने गए स्पीकर

  • सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओम बिरला के नाम का प्रस्ताव रखा। इसके बाद अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, ललन सिंह, चिराग पासवान समेत अन्य नेताओं ने भी प्रस्ताव रखा और अनुमोदन किया।
  • इसके बाद विपक्ष की ओर से के. सुरेश के नाम का प्रस्ताव रखा गया। INDI गठबंधन के बड़े नेताओं ने प्रस्ताव और अनुमोदन किया।
  • प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब ने कार्यवाही को आगे बढ़ाते हुए ध्वनिमत से पीएम मोदी के प्रस्ताव को पारित घोषित कर दिया। यह प्रस्ताव पारित होने के बाद विपक्ष का प्रस्ताव स्वत: निष्क्रिय हो गया।
  • प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब ने घोषणा की कि ओम बिरला लोकसभा स्पीकर चुने गए हैं। प्रोटेम स्पीकर ने ओम बिरला से अध्यक्ष की कुर्सी धारण करने का अनुरोध किया।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, ओम बिरला को अध्यक्ष की कुर्सी तक लेकर पहुंचे और बधाई दी।
  • इसके बाद पीएम मोदी, राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने ओम बिरला को बधाई संदेश दिया।

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(सदन की कार्यवाही के दौरान पीएम मोदी और राहुल गांधी। पीछे ओम बिरला व अन्य नेता नजर आ रहे हैं।)

राहुल गांधी और अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया

ओम बिरला के स्पीकर चुने जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा, हमें विश्वास है कि विपक्ष को बोलने की अनुमति देकर, हमें भारत के लोगों का प्रतिनिधित्व करने की अनुमति देकर, आप भारत के संविधान की रक्षा करने का अपना कर्तव्य निभाएंगे। मैं एक बार फिर आपको और सदन के सभी सदस्यों को बधाई देना चाहता हूं।

वहीं अखिलेश यादव ने कहा कि आप जिस पद पर हैं, उससे गौरवशाली परंपराएं जुड़ी हैं। हमारा मानना ​​है कि यह बिना किसी भेदभाव के जारी रहेगा और आप हर सदस्य और दल को समान अवसर और सम्मान देंगे। सदन को आपके इशारों पर चलना चाहिए, न कि इसके विपरीत।

अखिलेश यादव ने आगे कहा, मैं नई सदन में पहली बार आया हूं। मुझे लगा कि मेरे स्पीकर की कुर्सी ज्यादा ऊंची हो गई है। आपके कुर्सी के पीछे पत्थर तो सही लगे हैं, लेकिन सीमेंट अभी भी नजर आ रहा है।

लोकसभा का गणित

लोकसभा में एनडीए के पास पर्याप्त संख्या बल है। इस तरह एनडीए प्रत्याशी ओम बिरला का रिकॉर्ड दूसरी बार स्पीकर चुना जाना तय था।

  • 543 सीटों पर हुआ था लोकसभा चुनाव
  • 293 सांसद हैं अभी NDA के पास
  • 233 सांसद हैं INDI गठबंधन में
  • 16 सांसद अन्य दलों के पास हैं

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7 सांसद नहीं ले सके थे शपथ

विपक्ष के 7 सांसद ऐसे थे, जिनका बुधवार की कार्यवाही शुरू होने तक शपथ ग्रहण नहीं हुआ था। इनमें से एक सदस्य ने बुधवार को शपथ ली। यदि वोटिंग की नौबत आती, तो वे सदस्य मतदान में हिस्सा नहीं ले पाते, जिन्होंने शपथ नहीं ली है।

जिन 7 सांसदों का शपथ ग्रहण (बुधवार से पहले तक) नहीं हुआ था, उनमें शामिल थे - शशि थरूर (कांग्रेस), शत्रुघ्न सिन्हा (टीएमसी), दीपक अधिकारी (टीएमसी), नुरुल इस्लाम (टीएमसी), अफजल अंसारी (सपा) व दो निर्दलीय।

इसलिए नहीं बनी सहमति

इससे पहले लोकसभा स्पीकर और डिप्टी स्पीकर को लेकर मंगलवार दिनभर बयानबाजी होती रही। पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सामने आए और कहा कि विपक्ष स्पीकर के लिए सरकार का समर्थन करने को तैयार है, लेकिन इसके बदले में डिप्टी स्पीकर पद दिया जाना चाहिए, जैसा कि परंपरा रही है।

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आरोप लगाया गया कि स्पीकर के लिए सरकार ने विपक्ष का समर्थन तो मांगा, लेकिन डिप्टी स्पीकर पर कोई वादा नहीं किया। एक तरह से सरकार स्पीकर और डिप्टी स्पीकर, दोनों ही पद अपने पास रखना चाहती है। इसी कारण विपक्ष ने स्पीकर के लिए भी अपना उम्मीदवार उतारा।

कांग्रेस के रुख से खुश नहीं थी टीएमसी

इससे पहले खबर आई कि के. सुरेश को INDI गठबंधन की ओर से लोकसभा अध्यक्ष प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर टीएमसी खुश नहीं है। ममता बनर्जी की पार्टी का कहना है कि इस बारे में उसकी सलाह नहीं ली गई। ममता बनर्जी ने पूरे मामले में अपना रुख अब तक साफ नहीं किया है।