
डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। एस.ए.एस. नगर (मोहाली) आज केवल पंजाब का एक शहर नहीं, बल्कि देश के तकनीकी और आर्थिक मानचित्र पर एक चमकता हुआ सितारा बन चुका है। अपनी आधुनिक बुनियादी संरचना, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और युवा प्रतिभाओं के दम पर मोहाली तेजी से भारत की अगली ‘सिलिकॉन वैली’ के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
वित्त वर्ष 2022-23 से 2026-27 के दौरान 'कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म' के माध्यम से प्राप्त नए निवेश प्रस्तावों में मोहाली 9,478 करोड़ रुपये के साथ पूरे राज्य में सबसे आगे रहा है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि आईटी, सॉफ्टवेयर, टेक स्टार्ट-अप्स और ज्ञान-आधारित उद्योगों के लिए मोहाली निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। कुल आए निवेश का एक बहुत बड़ा हिस्सा अकेले मोहाली और उसके आसपास के क्षेत्र में केंद्रित है।
भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार इस क्षेत्र में तकनीक-आधारित कंपनियों और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार विशेष इकोसिस्टम तैयार कर रही है। मोहाली में स्थापित हो रहे नए हाई-टेक क्लस्टर और आधुनिक पार्क उन्नत विनिर्माण और तकनीकी शोध को बढ़ावा दे रहे हैं।
इसका सबसे बड़ा फायदा यह हो रहा है कि पंजाब के इंजीनियरिंग और तकनीकी संस्थानों से निकलने वाली मेधावी युवा प्रतिभाओं को अब रोजगार की तलाश में बेंगलुरु या हैदराबाद जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। उन्हें उनके अपने गृह राज्य में ही उच्च वेतन वाली नौकरियां मिल रही हैं।
मोहाली की यह तकनीकी उड़ान न केवल पंजाब के औद्योगिक स्वरूप को बदल रही है, बल्कि राज्य को पारंपरिक कृषि अर्थव्यवस्था से निकालकर एक आधुनिक ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था में तब्दील करने में भी अहम भूमिका निभा रही है।
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