सिद्धू ने कहा: पाक आर्मी चीफ से झप्पी पर कोई मलाल नहीं
पंजाब सरकार में सांस्कृतिक मंत्री व पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा है कि पहले झप्पी ली है अब पप्पी भी लेंगे। ...और पढ़ें
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Publish Date: Sat, 13 Oct 2018 02:14:38 PM (IST)Updated Date: Sat, 13 Oct 2018 03:00:34 PM (IST)

कसौली (सोलन)।पंजाब सरकार में सांस्कृतिक मंत्री व पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा है कि उनको पाक आर्मी चीफ कमर बाजवा को झप्पी करने पर कोई मलाल नहीं है। राफेल डील पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ‘मेरी झप्पी कोई राफेल डील नहीं है, जिस पर हल्ला किया जा रहा है। मैं सभी को झप्पी करता हूं और इसमें कोई बुराई नहीं है।’ सिद्धू कसौली क्लब में शुक्रवार को शुरू हुए सातवें खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में बतौर स्पीकर जलियांवाला बाग टू पंजाब, पंजाबिज, पंजाबियत विषय पर अपने विचार रखने के लिए गए थे।
उनका कहना था कि वे पहले भारतीय, फिर पंजाबी। सिद्धू ने कहा कि पाक सरकार प्रथम पातशाही गुरुनानक देव के 550वें प्रकाशोत्सव पर श्रीकरतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलने के लिए तैयार है। उन्होंने चिरपरिचित अंदाज में कहा कि गुरुओं के दर्शन के लिए यदि अच्छी पहल दिखेगी तो वह झप्पी तो क्या पप्पी भी लेंगे। गुरुद्वारा उनके अधिकार क्षेत्र में है व गुरु की धरती पर दर्शन के लिए अगर झप्पी ले ली तो उसमे कोई गलत नही है।
नवजोत ने कहा कि भारत पाकिस्तान में चल रहे तनाव का हल बातचीत से ही संभव है। 70 सालों से दुश्मनी चली आ रही है, लेकिन क्या हल निकला है, इसलिए सरकार को शांतिवार्ता बंद नहीं करनी चाहिए। यदि दुश्मनी करनी है तो फिर हाई कमीशन को बंद कर दो। जन्मदिन, ईद और अन्य आयोजनों पर बधाई भी देनी छोड़ दो। उन्होने शायराना अंदाज में कहा कि ‘सरकार ताउम्र यही काम करती रही, धूल उनके चेहरे पर थी और वो आईना साफ करती रही’।
सभी को साथ लेकर फिर शुरू हो कपिल शर्मा शो
कपिल शर्मा शो को लेकर उन्होंने कहा कि वो एक गुलदस्ता था, जिसमे सभी एक से बढ़कर एक फूल थे। लेकिन अपनी निजी लडाई में करोड़ों लोगों कि भावनाओं के साथ नहीं खेलना चाहिए। जब भी शो शुरू होगा तो उससे जरूर जुडेंगे।
जलियांवाला बाग कोई पिकनिक स्थल नहीं
उन्होंने कहा की जलियांवाला बाग हत्याकांड को अगले वर्ष एक शताब्दी होने वाली है, लेकिन शहीदों की याद में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए केंद्र सरकार अनुमति नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग पीएमओ के अंतर्गत आता है। उन्होंने इस पर भी खेद जताया कि लोग जलियांवाला बाग में टूरिस्ट की तरह घूमने आते हैं जबकि वह धरती शहीदों की धरती है।