
डिजिटल डेस्क। नीट-यूजी परीक्षा से जुड़ी पेपर लीक की आशंकाओं के बीच राजस्थान के अजमेर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। फिर से हो रही परीक्षा से ठीक पहले एक अज्ञात व्यक्ति ने छात्र को वीडियो कॉल कर कथित प्रश्नपत्र दिखाने का दावा किया और बदले में 30 हजार रुपये की मांग की।
मामले के सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई है। शुरुआती जांच में इसे छात्रों को झांसे में लेकर ठगी करने की कोशिश माना जा रहा है। पुलिस कॉलर की पहचान और वीडियो कॉल में दिखाए गए कथित प्रश्नपत्र की सत्यता की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, एक छात्र को अज्ञात नंबर से वीडियो कॉल किया गया। कॉलर ने दावा किया कि उसके पास नीट-यूजी पुनर्परीक्षा का प्रश्नपत्र है और वह परीक्षा शुरू होने से पहले उसे दिखा सकता है। इसके बदले उसने 30 हजार रुपये की मांग की।
डीएवी कॉलेज छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और एबीवीपी सदस्य कृष्ण सिंह ठाकुर ने इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। उन्होंने कॉल से जुड़ी रिकॉर्डिंग और अन्य जानकारी पुलिस को सौंपी है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी।
पुलिस मोबाइल नंबर, वीडियो कॉल डिटेल और भुगतान के लिए भेजे गए कथित QR कोड की जांच कर रही है। तकनीकी टीम कॉलर तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।
एडिशनल एसपी (सिटी) हिमांशु जागीद ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर यह छात्रों को गुमराह कर पैसे ऐंठने का एक बड़ा साइबर फ्रॉड प्रतीत होता है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वीडियो कॉल में दिखाया गया प्रश्नपत्र असली था या सिर्फ ठगी का हथकंडा। परीक्षा से पहले सामने आए इस मामले ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।