
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विदेश यात्रा करने वाले भारतीय यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर औपचारिकताओं को सुगम बनाने की दिशा में केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। घरेलू उड़ानों में सफल प्रयोग के बाद अब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी 'डिजी यात्रा' (Digi Yatra) प्रणाली का दायरा बढ़ाया जा रहा है। 1 नवंबर से देश के सात प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर इसका विशेष पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा, जो दिसंबर तक जारी रहेगा।
वर्तमान प्रक्रिया के अनुसार, विदेश यात्रा के दौरान यात्रियों को टर्मिनल में प्रवेश, सुरक्षा जांच और बोर्डिंग गेट जैसे कई पड़ावों पर बार-बार अपना पासपोर्ट और बोर्डिंग पास दिखाना पड़ता है। नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद चेहरे की पहचान के माध्यम से पहचान का सत्यापन पहले ही डिजिटल रूप से हो जाएगा। इससे यात्रियों को बार-बार भौतिक दस्तावेज निकालने और जांच चौकियों पर लंबी कतारों में समय बिताने की परेशानी से राहत मिलेगी।
इस प्रायोगिक चरण में देश के सात बड़े अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को शामिल किया गया है। इसमें नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, कोच्चि और अमृतसर शामिल है।
इस डिजिटल सुविधा का उपयोग करने के लिए यात्रियों को दो प्रमुख मानकों को पूरा करना होगा। यात्री के पास बायोमेट्रिक चिप से युक्त आधिकारिक ई-पासपोर्ट (e-Passport) होना आवश्यक है। संबंधित यात्रा एअर इंडिया (Air India) अथवा इंडिगो (IndiGo) के जरिए संचालित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर होनी चाहिए, क्योंकि वर्तमान में यही दो एयरलाइंस इस परीक्षण का हिस्सा हैं।
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यह समझना आवश्यक है कि यह प्रणाली पासपोर्ट का विकल्प नहीं है। यात्रा के दौरान वैध पासपोर्ट और वीजा की आवश्यकता पूर्ववत बनी रहेगी। इमिग्रेशन क्लीयरेंस, सुरक्षा जांच और एयरलाइन से जुड़े सुरक्षा नियम तय मानकों के अनुसार ही पूरे किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, गंतव्य देश में प्रवेश के लिए वहां के स्थानीय आव्रजन और सीमा नियंत्रण कानून लागू रहेंगे।