गुजरात के जूनागढ़ में दलितों को मंदिर में प्रवेश नहीं करने देने के पोस्टर, पुलिस ने हटवाए
पुलिस का यह भी कहना है कि उनकी मौजूदगी में दलित समाज के महिला पुरुषों का कालभैरव मंदिर में प्रवेश भी कराया गया। ...और पढ़ें
By Navodit SaktawatEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Fri, 07 Jan 2022 06:10:32 PM (IST)Updated Date: Fri, 07 Jan 2022 09:26:47 PM (IST)

अहमदाबाद। गुजरात के जूनागढ़ जिले में दलितों को मंदिर में प्रवेश नहीं करने की हिदायत वाला पोस्टर लगाने का मामला सामने आया है। मालिया पोखोर गांव में कंप्यूटर से प्रिंंट किये गये पोस्टर गांव में लगाये गये जिसमें हरिजन व मेघवाल जाति के लोगों को मंदिर में प्रवेश नहीं करने का निर्देश दिया है। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर पहुंचकर दलितों को मंदिर में प्रवेश से रोकने के लिए लगाये गए पोस्टर हटवा दिये हैं। जूनागढ जिले की मालिया तहसील के पोखोर ग्राम पंचायत के नाम से गांव में दलित विरोधी पोस्टर लगाने का मामला सामने आया है। इसका वीडिया वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई तथा मौके पर पहुंचकर पोस्टर हटवा दिये हैं, पुलिस पोस्टर को लेकर इसकी जांच कर रही है कि यह किसने लगाये।
हाल इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की गई है। पोस्टर में लेिखा गया है कि गांव के कालभैरव मंदिर तथा मंदिर परिसर में हरिजन तथा मेघवाल जाति के लोग प्रवेश नहीं करें और इस बात का खास ध्यान रखें। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई तथा पुलिस उपाधीक्षक ने मय दलबल के मौके पर पहुंचकर पोस्टर हटवा दिये। पुलिस का यह भी कहना है कि उनकी मौजूदगी में दलित समाज के महिला पुरुषों का कालभैरव मंदिर में प्रवेश भी कराया गया।
जिला प्रशासन व पुलिस के आला अधिकारी रुवार शाम तक वाईब्रेंट गुजरात निवेशक सम्मेलन की तैयारियां में व्यस्त होने के कारण इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। गत दिनों अहमदाबाद की जीएलएस युनिवर्सिटी के बाहर एक दलित छात्र की रैगिंग का मामला सामने आया था। इस मुद्दे पर कार्यवाही नहीं होने को लेकर विधायक जिग्नेश मेवाणी ने अपने समर्थकों के साथ दो दिन पहले ही नवरंगपुरा पुलिस थाने का घेराव भी किया था।