
डिजिटल डेस्क, चंड़ीगढ़। किसी भी राज्य की आर्थिकी की असली ताकत उसके सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) में निहित होती है। इसी बात को समझते हुए भगवंत सिंह मान सरकार ने राज्य के पारंपरिक और उभरते उद्योगों को गति देने के लिए विशेष औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की व्यापक रणनीति पर काम शुरू किया है।
इससे पंजाब के औद्योगिक विकास को एक नई स्थिरता मिल रही है। भगवंत सिंह मान सरकार की इस पहल के तहत राज्य के प्रमुख औद्योगिक हब में विशिष्ट क्लस्टरों को मंजूरी दी गई है।
एस.ए.एस. नगर (मोहाली) में एक ‘हाई-टेक मेटल क्लस्टर’ को मंजूरी दी गई है, जो उन्नत धातु विनिर्माण से जुड़े उद्यमों को अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया करा रहा है। वहीं, लुधियाना में ऑयल एक्सपेलर, कल-पुर्जा विनिर्माण, कपड़ा और शहद प्रसंस्करण से जुड़े विशेष क्लस्टर स्थापित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही पटियाला को समर्पित ‘कटिंग टूल क्लस्टर’ के लिए चुना गया है।

इन विशेष क्लस्टरों का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई इकाइयों को साझा बुनियादी ढांचे, आधुनिक तकनीक, कौशल विकास और बड़े पैमाने पर उत्पादन के लाभ उपलब्ध कराना है। छोटे उद्योगों के लिए अलग से वित्तीय और तकनीकी सहायता मिलने से उनकी उत्पादन लागत कम होती है और वैश्विक बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ती है।
ये क्लस्टर न केवल बड़े उद्योगों को मजबूत स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) प्रदान कर रहे हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर रहे हैं। एमएसएमई क्षेत्र को मिल रहा यह संबल पंजाब के औद्योगिक भविष्य को और अधिक सुरक्षित और गतिशील बना रहा है।